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Ranchi, 02 December : दौर उस दिन का मुझे भी याद है, लेकिन तब और अब में काफी कुछ बदल गया है. क्लास में छात्र और शिक्षक बीच की मर्यादा के बावजूद मधुर वातावरण हुआ करता था, लेकिन आज इसका स्तर भी गिरा है. ऐसी ही ढ़ेर सारी चर्चाओं संग चिकित्सकों ने एक दूसरे से अपना-अपना अनुभव साझा किया. मौका था शनिवार को रिम्स के 1967 बैच के डॉक्टरों के द्वारा मनाए गए गोल्डन जुबली समारोह का. रिम्स के सभागार में आयोजित इस समारोह में उस बैच के लगभग 80 चिकित्सकों ने हिस्सा लिया. विचार-विमर्श के साथ अब के परिपेक्ष्य में अपने को देख उस दौर की पुरानी याद ताजा की.
विदेशों से भी आएं डॉक्टर
विदेश में काम कर रहे 1967 बैच के कई डॉक्टर भी समारोह में उस जमाने की याद ताजा करने पहुंचे. इस मौके पर रिम्स से रिटार्यड डॉक्टर वीके जैन ने कहा कि हमलोगों के दौर में सीखने और सिखाने की ललक होती थी. मौज-मस्ती भी होती थी, लेकिन उसकी मर्यादा थी. आज हर क्षेत्र की पढ़ाई बनाए रखने की जरुरत है.
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