रांची: राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू द्वारा राजभवन में कोल्हान विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित ‘हो’ एवं संताल भाषा के 9 (नौ) पुस्तकों का लोकार्पण किया गया। जिसमें संताली भाषा की लिपि ‘’’ओल चिकी’ में 5 एवं हो लिपि ‘वाराड. क्षिति’ 4 पुस्तकें हैं। राज्यपाल द्वारा इस अवसर पर मूल लेखकों एवं उनके लिप्यांतरकर्त्ता को प्रमाण-पत्र एवं शाल देकर भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्राकृतिक दृष्टिकोण से परिपूर्ण झारखण्ड राज्य की भाषा एवं संस्कृति अत्यन्त समृद्ध है। भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं सुव्यवस्थित करने की दृष्टिकोण से संताली भाषा की कृतियों को ’’ओल चिकी’’ और हो भाषा की लिपि ’’वाराड. क्षिति’’ में लिप्यन्तरित करना अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इसमें महती भूमिका का निर्वहन करने वाले सभी विद्वान लेखकों को बधाई देती हूँ, तथा आशा करती हूं कि ये पुस्तकें हमारे विद्यार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगी और जनजातीय भाषा विभाग के छात्रों को अपनी लिपि में पुस्तके उपलब्ध हो सकेंगी।
(आईपीआरडी)




