नई दिल्ली, 14 फरवरी | भारत ने मंगलवार को इजरायली दूतावास की एक कार पर हुए बम हमले को ‘एक बेहद प्रशिक्षित व्यक्ति’ द्वारा किया गया एक आतंकवादी हमला बताया और कहा कि इस हमले के लिए किसी देश को जिम्मेदार ठहराना जल्दबाजी होगी। वहीं, हमले की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस को आशंका है कि हथेली के आकार वाले एक मैग्नेटिक उपकरण से विस्फोट किया गया। पुलिस हमलावर का सुराग पाने के लिए रास्ते के सीसीटीवी फुटेज एकत्र कर रही है।
इस बीच, इजरायल ने हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया है जबकि ईरान ने हमले के आरोप से इंकार किया है।
हमले में गम्भीर रूप से घायल राजनयिक की पत्नी येहोशुआ कोरेन का इलाज प्राइमस अस्पताल में किया जा रहा है और शरीर से छर्रो को निकाल दिए जाने के बाद उनकी हालत स्थिर है।
सोमवार देर रात ऑपरेशन से गुजरने वालीं कोरेन ने इजरायली मीडिया को बताया कि वह सौभाग्यशाली हैं कि बच्चे उनके साथ नहीं थे। डॉक्टरों का कहना है कि हालत में सुधार होने पर उन्हें स्वदेश भेजा जा सकता है। सोमवार रात कोरेन की रीढ़ की हड्डी की सर्जरी की गई। हमले में तीन अन्य लोग भी घायल हुए।
वहीं, मोटरसाइकिल सवार के बारे में पता लगाने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर जांच शुरू की है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि इस हमले में दो लोग शामिल हो सकते हैं।
दिल्ली के पुलिस आयुक्त बी.के. गुप्ता ने पत्रकारों से कहा कि जांच में पता चला है कि लाल रंग की मोटरसाइकिल पर सवार एक व्यक्ति ने दूतावास की कार पर हथेली के आकार वाले उपकरण को चिपकाया और उसके कुछ सेकेंड बाद उसमें विस्फोट हुआ।
गुप्ता ने कहा कि विस्फोट में या तो रिमोट अथवा किसी दूसरे विशेष प्रकार के तंत्र का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने विस्फोट के लिए टाइमर के इस्तेमाल का खंडन किया।
हमले की जांच में जुटी दिल्ली पुलिस खान मार्केट से लेकर औरंगजेब रोड सहित विस्फोट स्थल के समीप के सभी जगहों की सीसीटीवी फुटेज को जुटाने में लगी है।
गुप्ता ने बताया कि इजरायल दूतावास की कार इनोवा (खान मार्केट से विस्फोट स्थल तक) जिन रास्तों से गुजरी उन रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर बताया कि जांचकर्ताओं ने हालांकि किसी भी आशंका से इंकार नहीं किया है और मामले को सुलझाने के लिए वे प्रत्येक सम्भावित नजरिए से जांच कर रहे हैं।
हमले के बारे में पहला आधिकारिक बयान देते हुए केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने कहा कि कार पर बम लगने के कुछ सेकेंड बाद ही विस्फोट हुआ।
विस्फोट की आवाज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सरकारी आवास सहित एक किलोमीटर के दायरे में सुनी गई। विस्फोट होने के साथ ही कार में आग लग गई।
चिदम्बरम ने पत्रकारों को बताया, “यह पूरी तरह से साफ है कि एक अत्यंत प्रशिक्षित व्यक्ति ने इस हमले को अंजाम दिया।”
चिदम्बरम ने संवाददाताओं से कहा, “यह मानने के पीछे भी कारण है कि इस हमले का लक्ष्य इजरायली राजनयिक की पत्नी थी। इसलिए इसे एक आतंकवादी हमला मानते हुए जांच की जा रही है।”
भारत में हुए विस्फोट और जॉर्जिया में अपने दूतावास के बाहर हमले की कोशिश नाकाम किए जाने के बाद इजरायल ने हमले के पीछे ईरान का हाथ होना बताया। जबकि ईरान ने इसका खंडन किया। नई दिल्ली में इजरायल के राजदूत एलोन उसहपिझ ने दिल्ली में हमले के लिए ईरान को जिम्मेदार ठहराया।
वहीं, विदेश मंत्री एस.एम. कृष्णा ने कहा कि हमले के लिए कौन जिम्मेदार है, इसके बारे में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी।
उन्होंने कहा, “जांच की रिपोर्ट मिलने तक हम किसी को जिम्मेदार नहीं ठहरा सकते।”
केंद्रीय गृह सचिव आर.के. सिंह ने पत्रकारों से कहा, “किसी देश का नाम लेने के लिए हमारे पास कोई साक्ष्य नहीं हैं। हमले के लिए किसी देश का नाम लेना जल्दबाजी होगी।”
हमले की जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियों ने जांच से जुड़े आधिकारिक विवरण नहीं उपलब्ध कराए हैं। वहीं, मामले पर फॉरेंसिक रिपोर्ट बुधवार तक मिलने की उम्मीद है। रिपोर्ट मिलने के बाद विस्फोट की प्रकृति और उसमें इस्तेमाल उपकरणों के बारे में जानकारी हो सकेगी।
भारत में विस्फोट और जॉर्जिया में हमले की कोशिश को देखते हुए विश्व भर में इजरायली राजनयिकों को सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल की सलाह दी गई है और इजरायली प्रतिष्ठानों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। (आईएएनएस)




