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जेवीएम का विस्‍थापन-आंदोलन, प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, एक की मौत, कई घायल

|| रणजीत वर्मा ||
रांची : बाबूलाल मरांडी के झारखंड विकास मोर्चा के बैनर तले प्रदर्शन कर रहे विस्‍थापितों और पुलिस के बीच झड़प में एक प्रदर्शनकारी की मौत हो गयी है। कुछ गंभीर रूप से घायल बताये जाते हैं और कई को मामूली चोटें लगी हैं। मृतक प्रदर्शनकारी की पहचान गैर राजनीतिक व्‍यक्ति के तौर पर हुई है। आरंभ में वह झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) का कार्यकर्त्‍ता बताया गया। बाद में पता चला कि वह एक सरकारी कर्मचारी थे जो इस घटर की चपेट में आ गया। उसकी मौत पुलिस के वाहन से कुचलकर हुई। इस घटना के बाद पार्टी प्रमुख बाबूलाल मरांडी ने राज्‍य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की बात कही है। हालांकि पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने पहले पुलिस पर पत्‍थर फेंकना शुरू किया था। तब पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा।

दरअसल सोमवार को विधानसभा सत्र के दूसरे दिन झाविमो (प्रजातांत्रिक) समर्थक पूरे राज्‍य से रांची पहुंचे थे। विधानसभा से नजदीक स्थित हरमू मैदान में एक सभा के बाद उनका विधानसभा घेराव का कार्यक्रम था। इसी के तहत दोपहर करीब डेढ बजे समर्थकों का हुजूम विस की तरफ कूच कर रहा था। हरमू मैदान और विस के बीच पड़ने वाले एक निजी स्‍कूल के नजदीक पुलिस ने झाविमो समर्थकों को रोकने का प्रयास किया पर वो नहीं रूके। उन्‍हें रोकने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार डालनी शुरू की। इसपर भी वो नहीं रूके और पुलिस ने उनपर लाठी चार्ज किया। इसी बीच भीड़ को तीतर बीतर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसी भगदड़ में पुलिस का एक वाहन आंदोलनकारियों को खदेड़ता हुआ आगे बढ़ा। बेतहाशा चलाये गए उस वाटर कैनन वाहन की चपेट में बोले उरांव नाम एक व्‍यक्ति फंस गया। एक बार गाड़ी उसे कुचल कर आगे बढ़ी, इसी बीच एक पुलिस अधिकारी ने वाहन को रूकवाया और घटना की गंभीरता को भांपते हुए ड्राइवर को भाग निकलने का निर्देश दिया। अब उस ड्राइवर ने दोबारा गाड़ी को बैक गियर में डाल वापसी की जिससे बोले उरावं को दोबारा रौंदगी हुई निकल गयी। बोले की वहीं मौत हो गयी। इस अफरा तफरी में कई और जेवीएम कार्यकर्ता और आंदोलन समर्थक गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्‍हें इलाज के लिए राजेन्‍द्र आयुर्विज्ञान संस्‍थान (रिम्‍स) में भरती कराया गया है।

इसके बाद भी बाबूलाल मरांडी और प्रदीप यादव के नेतृत्‍व में पार्टी समर्थक आगे बढते रहे। हालांकि थोड़ी दूर जाने के बाद करीब साढे तीन बजे सड़क घेरकर उन्‍होंने धरना दिया। यहां समर्थकों को संबोधित करते हुए मरांडी ने सरकार पर तानाशाही होने का आरोप लगाया। उन्‍होंने घोषणा की कि विस्‍थापितों को उनका हक दिलाया जाएगा। बाद में मरांडी ने अपने समर्थकों के साथ गिरफ्तारी दी। हालांकि युवक की मौत कैसे हुई इसपर कोई भी जिम्‍मेदारी नहीं लेना चाहता। पार्टी का कहना है कि पुलिस वाहन की चपेट में आने से पार्टी समर्थक व्‍यक्ति की मौत हुई है। जबकि पुलिस इसे मानने से इंकार कर रही है।

बाबूलाल मरांडी ने कहा
बोले उरांव की मौत और पुलिस की बर्बरता प्रशासनिक लापरवाही और बेवकूफी का नतीजा है। मरांडी का मानना है कि पुलिस ने गलत जगह बैरिकेटिंग करके आंदोलनकारियों को रोकने की कोशिश की। पुलिस चाहती जो आरंभ में ही नेताओं को गिरफ्तार करती और आंदोलन जिस तरह शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, शांति से संपन्‍न हो जाता। मरांडी ने इस घटना के लिये राज्‍य सरकार की अक्षमता को इंगित किया।

सभी तस्‍वीरें: रणजीत वर्मा।

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