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नहीं ले रहा राजनीति से संन्यास : पर्रिकर

पणजी : रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने राजनीति से संन्यास लेने का संकेत देने के अगले दिन सोमवार को इसका खंडन करते हुए ट्विटर पर लिखा कि फिलहाल राजनीति से संन्यास लेने का उनका कोई इरादा नहीं है। गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री पर्रिकर ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “आमतौर पर लोग 60 साल की उम्र में सेवानिवृत्त होने के बारे में सोचते हैं और शायद मैं भी सोचूंगा, लेकिन मुझे केंद्र की सरकार में अभी बड़ी जिम्मेदारियां उठानी हैं।”

उन्होंने कहा, “मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि जो काम मुझे सौंपा गया है, उसे पूरा करने के बाद ही संन्यास लूंगा।”

पर्रिकर ने रविवार को गोवा के म्हापसा कस्बे में लोकमान्य मल्टीपर्पज को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटी में अपने विचार प्रकट करते समय सेवानिवृत्त होने का संकेत दिया था।

गोवा के कद्दावर नेताओं में से एक पर्रिकर ने कहा, “एक व्यक्ति को 60 साल का होने के बाद सेवानिवृत्त होने के बारे में सोचना ही पड़ता है। मैं 13 दिसंबर को 60 साल का होने जा रहा हूं, इसलिए मैंने दो-तीन साल पहले ही सेवानिवृत्त होने के बारे में सोचना शुरू कर दिया था।”

याद रहे कि केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रमुख अमित शाह ने हाल ही में कहा है कि जो लोग 60 साल की उम्र पार कर चुके हैं, उन्हें राजनीति से संन्यास ले लेना चाहिए। उन्होंने यह बात तब कही, जब पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, यशवंत सिन्हा और शांता कुमार ने कहा कि पार्टी की बिहार में हार की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। बिहार में चुनाव प्रचार की कमान अमित शाह ने खुद अपने हाथ में रखी थी।

पर्रिकर 2012 तक गोवा के मुख्यमंत्री रहे। 2014 के आखिर में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)सरकार का हिस्सा बन गए।

पर्रिकर के पिछले बयान पर कांग्रेस सांसद शांताराम नाइक ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पर्रिकर राज्य की राजनीति में वापसी के इच्छुक हैं।

नाइक ने सोमवार को कहा, “हो सकता है कि उन्हें भी रक्षा मंत्रालय में निराशा महसूस हुई हो, क्योंकि उनके पास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके मंत्रिमंडल के बीच डाकिये की भूमिका निभाने के अलावा कोई और प्रभावी भूमिका नहीं है।”

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