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Dumka, 01 November : संताल परगना में सड़कों और पुल-पुलियों का जाल बिछ रहा है. लेकिन आज भी कई ऐसे गांव हैं जहां अभी तक सड़कों का निर्माण नहीं हो सका है. जामा प्रखंड के जरुआडीह और कटनहारा गांव के बीच सालों भर मयूराक्षी नदी का पानी भरा रहता है. बारिश में तो इन गांवों के लोगों को गांव में ही कैद होकर रहना पड़ता है. मजबूरीवश गांव से बाहर जाना पड़े तो नदी, कीचड़ और दलदल भरे रास्ते से होकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है. सालों से सड़क नहीं होने की परेशानी से जूझ रहे ग्रामीणों की समस्या की ओर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का ध्यान नहीं है. हर बार चुनाव का समय आते ही नेता ग्रामीणों को सड़क बनाने का सपना दिखाते हैं. चुनाव होने के बाद सपने पूरे होने की बजाय टूट जाते हैं. जामा प्रखंड अंतर्गत बेदिया पंचायत के जरूवाडीह, दिग्घी, सिताकोहबर, पालोजोरी, बिचकोड़ा आदि गांव का हाल भी कुछ ऐसा ही है.
स्कूल और ट्यूशन जाने में भी बच्चों को होती है कठिनाई
जेरूवाडीह और कटनहारा के बीच पुलिया नहीं रहने के कारण ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. ग्रामीणों ने बताया कि उच्च शिक्षा के लिए गांव के बच्चे स्कूल और ट्यूशन भी इसी रास्ते से होकर जाते हैं. गर्मी और अन्य मौसम में तो किसी तरह साइकिल कंधे पर टांग कर पार हो जाते हैं, पर बरसात के मौसम में पढ़ाई पूरी तरह से बाधित हो जाती है. ग्रामीणों ने बताया कि बारिश के चार महीनों में मयुराक्षी नदी का पानी उफान पर रहता है. जिसके कारण मार्ग पूरी तरह से बंद हो जाता है.
मनरेगा के तहत किया गया कार्य भी कारगर नहीं हुआ
इस संबंध में बेदिया पंचायत के मुखिया राकेश कुमार हेम्ब्रम का कहना है कि जरूवाडीह-कटनहारा के बीच मयुराक्षी नदी का पानी हमेशा जमा हुआ रहता है. मनरेगा के तहत कार्य करवाया गया था पर कारगर नहीं हो पाया है. उक्त स्थल पर बड़ी योजना के तहत ही पुलिया व सड़क का निर्माण करवाना होगा तभी समस्या का समाधन होगा.




