नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी की 70 सदस्यीय विधानसभा की दहलीज तक महज छह महिलाएं ही पहुंचने में कामयाब हो पाईं। सभी छह विधायक आम आदमी पार्टी (आप) की हैं। आप की महिला शक्ति में पिछली सरकार में मंत्री रहीं राखी बिड़लान तथा अन्य नेताओं में मुनिरका से निर्दलीय पार्षद प्रमिला टोकस हैं, जिन्होंने आर.के.पुरम सीट से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रत्याशी अनिल कुमार शर्मा को 19,068 मतों के अंतर से हराया।
राखी ने लगातार दूसरी बार मंगोलपुरी सीट से जीत दर्ज की है। उन्होंने कांग्रेस के कद्दावर नेता राजकुमार चौहान को 2,269 मतों के अंतर से हराया।
चांदनी चौक से आप उम्मीदवार अलका लांबा ने भारतीय जनता पार्टी के सुमन कुमार गुप्ता को 18,287 मतों के अंतर से हराया।
वहीं पालम सीट से आप की भावना गौड़ ने 30,849 मतों के अंतर से भाजपा प्रत्याशी धरम देव सोलंकी को शिकस्त दी।
रोहतास नगर सीट से आप की सरिता सिंह ने भाजपा प्रत्याशी जितेंद्र महाजन को 7,874 मतों के अंतर से हराया। वहीं शालीमार बाग सीट से आप की वंदना कुमारी ने भाजपा प्रत्याशी रेखा गुप्ता को 10,978 मतों के अंतर से हराया।
इस चुनाव की सबसे बड़ी हार भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी की है। बेदी कृष्णानगर सीट से 2,277 मतों के मामूली अंतर से चुनाव हार गईं। भाजपा के लिए यह शर्मनाक हार है।
ग्रेटर कैलाश सीट से कांग्रेस उम्मीदवार व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी की बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी चुनाव हार गईं। वहीं दिल्ली की पूर्व स्वास्थ्य एवं महिला व बाल विकास मंत्री किरण वालिया भी चुनाव हार गईं।
कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुईं कृष्णा तीरथ भी पटेल नगर सीट से चुनाव हार गईं।
इस बार चुनाव में कुल 63 महिलाओं ने चुनाव लड़ा। आप की छह प्रत्याशियों के अलावा, भाजपा ने आठ, जबकि कांग्रेस ने पांच महिला उम्मीदवारों को चुनाव मैदान में उतारा था।
राष्ट्रीय राजधानी में कुल 1.33 करोड़ मतदाता हैं, जिनमें से 59 लाख महिलाएं हैं।




