
Latehar : जिले के आम्रपाली कोल प्रोजेक्ट में तीन मिलियन टन कोयले का स्टॉक में आग में सुलग रहा है. लेकिन सीसीएल प्रोडक्शन इसे बुझाने के लिए कोई प्रयास नहीं कर रहा है. सीसीएल के अधिकारी अपनी वाहवाही लूटने की फिराक में सरकार को भारी नुकसान में पहुंचा रहे हैं.
अधिकारी लगे हैं इंटेंसिव लूटने में
हर दिन लगभग 40 हजार मिट्रिक टन उत्पादन में मात्र 20 से 25 हजार मिट्रिक टन कोयला डिस्पैच हो रहा है. इस बारे में बताया जा रहा है कि इस प्रोडक्शन के खेल से जुड़े अधिकारी सिर्फ अपनी उपलब्धि दर्ज करा रहे हैं और इंटेंसिव लूट रहे हैं.
जबकि कोयला डिस्पैच नहीं होने की वजह से धीरे-धीरे आग बढ़ता ही जा रहा है. फिर भी आग को बुझाने में सीसीएल के अधिकारी कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं. जिसका नतीजा ये हो रहा है कि प्रोडक्शन में नंबर वन रहने की होड़ में कोयला को बिना डिस्पैच किये ही सिर्फ प्रोडक्शन होता जा रहा है.
वहीं प्रोडक्शन के बावजूद कोयला का डिस्पैच कम हो रहा है. इससे आम्रपाली प्रोजेक्ट से जुड़े लोग और संस्थाओं में संशय की स्थिति बनी हुई है. कोयले में लगा आग के बारे में बताया जा रहा है कि इससे हर दिन सरकार को लाखों रुपए का नुकसान हो रहा है.
कोयले के लगी आग और उससे हो रहे नुकसान का जिम्मेवार कौन है. इसका पता लगाने में प्रशासन और राज्य के आला अधिकारी पिछले कई दिनों से जुटे हुए हैं. लेकिन नतीजा अबतक सिफर ही रहा है.




