
Ranchi : झारखंड की बिजली व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो इसकी शिकायत फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज केंद्र सरकार से करेगा. उसके पहले चेंबर ने झारखंड की रघुवर सरकार को बिजली व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए 7 दिनों की मोहलत दी है. चेंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन रंजीत गाड़ोदिया ने कहा है कि सरकार हाथी उडा रही है, मोमेंटम झारखंड और मेक इन इंडिया की बात करती है. पर बिना बिजली व्यवस्था के कैसे आएंगे अच्छे दिन, कैसे चलेगी इंडस्ट्री यह सरकार को बताया चाहिए. 7 दिनों में सब ठीक हुआ तो ठीक है नहीं तो दिल्ली की ओर रूख करेंगे.
Ranchi : झारखंड की बिजली व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो इसकी शिकायत फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज केंद्र सरकार से करेगा. उसके पहले चेंबर ने झारखंड की रघुवर सरकार को बिजली व्यवस्था दुरूस्त करने के लिए 7 दिनों की मोहलत दी है. चेंबर ऑफ कॉमर्स के चेयरमैन रंजीत गाड़ोदिया ने कहा है कि सरकार हाथी उडा रही है, मोमेंटम झारखंड और मेक इन इंडिया की बात करती है. पर बिना बिजली व्यवस्था के कैसे आएंगे अच्छे दिन, कैसे चलेगी इंडस्ट्री यह सरकार को बताया चाहिए. 7 दिनों में सब ठीक हुआ तो ठीक है नहीं तो दिल्ली की ओर रूख करेंगे.
बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने को लेकर करोड़ों खर्च हुए, फिर भी नहीं सुधरे हालात
रांची के व्यवसायी अजय भंडारी ने कहा कि बारिश और आंधी तूफान की समस्या रांची और जमशेदपुर में भी है. इस दौरान रांची में कई घंटों तक बिजली काट दी जाती है, वहीं जमशेदपुर में एक घंटे में बिजली व्यवस्था बहाल हो जाती है. बिजली विभाग से पूछने पर कहा जाता है कि प्राकृतिक आपदा है, क्या यह प्राकृतिक आपदा जमशेदपुर के लिए नहीं है. अजय भंडारी ने जेबीवीएनल के द्वारा पिछले दो सालों में बिजली व्यवस्था को दुरूस्त करने के नाम पर खरीद की गई सामग्रियों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया और कहा कि बिजली व्यस्था 24 घंटे में बहाल करने के लिए दो सालों में करोडों रूपये खर्च किये गये. आज वह सामान आंधी तूफान में फेल हो जा रहे हैं. इसकी गड़बडी को लेकर जेबीवीएनएल के पूर्व एमडी सीबीआई जांच के दायरे में हैं.
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बदहाल बिजली व्यवस्था से व्यवसायी नाराज
गुमला के व्यवसायी योगेंद्र कुमार ओझा ने कहा है कि बिना बिजली के उद्योग ठप पड़ गये हैं. एक आध घंटे की बिजली समस्या मैनेज होती है. तीन-चार दिनों से बिजली नहीं होने से उद्योग धंधों की हालत खराब हो गयी है. डीजल और जेनरेटर से काम करना बहुत महंगा साबित हो रहा है. जेबीवीएनल सही व्यवस्था क्यों नहीं करता है ? ग्राउंड केबलिंग का काम पूरा क्यों नहीं किया जा रहा ? रांची के कई बिजली ग्रिड और पावर स्टेशन में मैनपावर की कमी है. इंडस्ट्री के लिए अलग फीडर क्यों नहीं दे रही है सरकार ? इधर, बोकारो के व्यवसायी संजय कुमार सिंह ने कहा है कि वहां के बिजली कर्मचारी और अधिकारी मीटर से छेड़छाड़ करके लोगों को झूठे केस में फंसाने की धमकी देते हैं और एफआईआर मैनेज करने के लिए अवैध वसूली करते हैं. वहीं, गुमला के कारोबारी महेश कुमार लाल ने कहा है कि जिन अधिकारियों और कर्मचारियों पर बिजली व्यवस्था दुरूस्त करने की जिम्मेदारी है वह यहां रैकेट चलाकर अवैध वसूली करते हैं. इस धंधे में वहां के जेई, एसी भी शामिल हैं. सिर्फ 4-5 घंटे बिजली देते हैं और 40 से 50 हजार प्रतिदिन वसूली करते हैं. बिजली और पानी की समस्या से 90 फीसदी लोग परेशान हैं. इसी तरह के खराब बिजली व्यवस्था की शिकायत पलामू के नीलेश चंद्रा ने भी की है और कहा है कि इलाके में बिजली की हालत खराब है. यहां 4-5 घंटे ही बिजली रहती है.
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