पटना, 31 जुलाई: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की.उन्होंने कहा कि अभी उनसे मुकाबला करने की क्षमता किसी में नहीं है. नई सरकार बनाने के बाद पहली बार पत्रकारों के साथ बातचीत में नीतीश ने कहा कि हाल के दिनों में महागठबंधन में जो परिस्थिति उत्पन्न हो गई थी, उसमें त्यागपत्र देने के अलावा कोई और विकल्प ही नहीं था.
बिहार के भ्रष्टाचार की चर्चा पूरे देश में होने लगी
उन्होंने कहा, मैं शुरू से ही भ्रष्टाचार के खिलाफ था और बिहार में भ्रष्टाचार की बातें पूरे देश में चर्चा होने लगी थीं, जिससे बिहार की बदनामी हो रही थी. जिनके ऊपर आरोप लगे थे, उन्होंने स्पष्टीकरण देने से इंकार कर दिया. मैंने कभी किसी से इस्तीफा नहीं मांगा था. मैंने कई बार कहा कि स्थिति स्पष्ट करें, जनता के सामने स्पष्टीकरण जरूरी होता है. मेरी पार्टी भ्रष्टाचार के खिलाफ थी और यह पार्टी का फैसला था.
दो ही विकल्प थे
नीतीश कुमार ने कहा कि हमारे पास दो ही विकल्प थे. या तो भ्रष्टाचार से समझौता कर लेते या जो हमारे लिए संभव नहीं था. उन्होंने माना कि अभी उनके उपर कई आरोप लगाये जायेंगे. लेकिन वह आरोपों से घबराने वाले नहीं हैं.
भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई का विरोध कैसे करता
नीतीश कुमार ने कहा कि पूरे बिहार में घूम-घूम कर मैेने बेनामी संपत्ति पर कार्रवाई की मांग की थी. जब कार्रवाई होने लगी, तब मैं कैसे उसे नकार सकता था. किसी की कृपा से नहीं बना था सीएम मुख्यमंत्री ने राजद आरपों का जवाब देते हुए कहा कि मैं किसी की कृपा से मुख्यमंत्री नहीं बना. लेकिन मुझे बिहार की जनता की परवाह है. मैं किसी के बताए गलत रास्ते पर नहीं चल सकता.
मैेने कोई समझौता नहीं किया
सीएम ने कहा कि महागठबंधन में की तरह की कठिनाईयां आती रही. मीडिया में कई बातें उछली. मैंने किसी भी बात पर ध्यान नहीं दिया. आरजेडी की तरफ से कई आपत्तिजनक बयान आए. पिछले साल भी राजद से जुड़े एक व्यक्ति के बयान के कारण भी ये स्थिति उत्पन्न हुई. उस वक्त मैंने कहा था कि सबकी बातों का नोटिस नहीं लेता. मैंने साफ कर दिया था कि कानून अपना काम करेगा. कानून ने अपना काम किया और मैंने कोई समझौता नहीं किया.




