
जेपीएससी छठी पीटी परीक्षा के लिए कल तीसरी बार रिजल्ट जारी किया गया. जेपीएससी द्वारा जारी किये जाने वाले रिजल्ट को कल नेतरहाट के कैबिनेट बैठक में तय किया गया. इस बार रिजल्ट कटऑफ नहीं पास मार्क्स तय कर निकाला गया है, जिसके तहत तय नंबर लाने वाले सभी अभ्यर्थी मेंस की परीक्षा में शामिल हो पाएंगे. सरकार ने ये फैसला नियुक्ति नियमावली के खिलाफ जाकर लिया है. सरकार के इस फैसले से प्रक्रिया सरल होने के बजाय अब और उलझ चुका है. इधर सरकार के इस फैसले से नाराज परीक्षार्थीयों का कहना है कि वे इसका विरोध करेंगे. किसी भी हाल में इस रिजल्ट पर मेंस की परीक्षा नहीं होने देंगे.
Ranchi: जेपीएससी छठी पीटी परीक्षा के लिए कल तीसरी बार रिजल्ट जारी किया गया. जेपीएससी द्वारा जारी किये जाने वाले रिजल्ट को कल नेतरहाट के कैबिनेट बैठक में तय किया गया. इस बार रिजल्ट कटऑफ नहीं पास मार्क्स तय कर निकाला गया है, जिसके तहत तय नंबर लाने वाले सभी अभ्यर्थी मेंस की परीक्षा में शामिल हो पाएंगे. सरकार ने ये फैसला नियुक्ति नियमावली के खिलाफ जाकर लिया है. सरकार के इस फैसले से प्रक्रिया सरल होने के बजाय अब और उलझ चुका है. इधर सरकार के इस फैसले से नाराज परीक्षार्थीयों का कहना है कि वे इसका विरोध करेंगे. किसी भी हाल में इस रिजल्ट पर मेंस की परीक्षा नहीं होने देंगे.
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नियमावली में 15 गुणा रिजल्ट जारी करने का प्रावधान
जेपीएससी ने छठी सिविल सेवा परीक्षा के लिए कुल 326 पदों के लिए विज्ञापन निकाला था. नियमावली के तहत पीटी में पास अभ्यर्थियों की संख्या कुल पदों के 15 गुणा ही होना था. पहली बार जारी रिजल्ट में आरक्षण रोस्टर का पालन नहीं होने का छात्रों ने जमकर विरोध किया. जेपीएससी संसोधित रिजल्ट जारी करने को बाध्य हो गयी. उसके बाद भी रिजल्ट का विरोध किया गया. अब जेपीएससी के रिजल्ट को कैबिनेट बैठक में 104 गुणा कर दिया गया है. अब इसको लेकर छात्रों में रोष है. अब वे आंदोलन की तैयारी में हैं.
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कोई भी परीक्षा नहीं होने दिया जाएगा
इस रिजल्ट को लेकर अभ्यर्थी आंदोनल करने की तैयारी में हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक आरक्षण नियमावली के साथ 15गुणा सही ठंग से रिजल्ट प्रकाशित नहीं किया जाएगा, तब तक राज्य में किसी भी तरह की कोई परीक्षा नहीं होने देंगे. उन्होंने ये भी कहा कि जेपीएससी को फिर से छठी सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट जारी करना ही पड़ेगा. नहीं होने पर आंदोलन उग्र कर देंगे.
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बाहरी लोगों को मौका देने के लिए साजिश के तहत निकाला गया ऐसा रिजल्ट
स्टूडेंटस का कहना है कि सरकार ने साजिश के तहज ऐसा रिजल्ट जारी करने की बात कही है. ऐसा रिजल्ट जारी करने का मकसद साफ है कि बहार के लोगों को को मौका देना चाहती है. ऐसा कहने के पीछे ये तर्क है कि ओबीसी जो समान्य श्रेणी के बराबर अंक लाये हैं वे स्वतः जेनरल की श्रेणी में शामिल हो जाएंगे. ऐसा होने पर और ओबीसी छात्रों को मौका मिल सकता था. ऐसा हुआ नहीं समान्य के बराबर अंक लाने के बावजूद ओबीसी में ही रखा गया. उल्लेखनीय है की राज्य के बाहर के अभ्यर्थी समान्य श्रेणी से ही इस परीक्षा के लिए अप्लाई करते हैं.
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