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Tokyo, 16 October: तोक्यो ओलंपिक, 1964 की मशाल, चार वर्ष पहले ही बुझ चुकी है, जबकि इसे हमेशा प्रज्जवलित रहना था. यह तथ्य आज ही सामने आया जब शर्मिंदा अधिकारियों ने इस बात को स्वीकार किया.
यह वर्ष 1964 में हुए ओलंपिक की है
जापान के दक्षिण पश्चिमी शहर कागोशीमा के खेल प्रशिक्षण परिसर में लगाई गई इस मशाल को ‘ओलंपिक अक्षय मशाल’ कहा जाता है और यह वर्ष 1964 में हुए ओलंपिक की है. यह मशाल तब खबरों में आई थी, जब जापान को 2020 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी मिली थी.
जल्दबाजी में मशाल को फिर से प्रज्जवलित किया गया
खेल परिसर के प्रमुख ने न्यूज एजेंसी के हवाले से यह बताया कि मशाल नवंबर 2013 में बुझ गई थी. इसके दो ही महीने पहले तोक्यो को खेलों की मेजबानी मिली थी. तब जल्दबाजी में मशाल को फिर से प्रज्जवलित किया गया.
मैंने अपनी आंखों से 21 नवंबर को मशाल को बुझते देखा
एक अधिकारी के अनुसार, उस वक्त मैं ऐसा कुछ नहीं कह सकता था, जो लोगों के सपनों को तोड़ दे. मैंने अपनी आंखों से 21 नवंबर को मशाल को बुझते देखा था. हमने उसे फिर से जलाया और यह दो हफ्तों तक चली.
एक अन्य मशाल2013 में प्रज्जवलित किया गया
यहां अब एक अन्य मशाल है जिसे मैग्निफाइंग ग्लास और सूर्य की रोशनी की मदद से दिसंबर 2013 में प्रज्जवलित किया गया था.




