नई दिल्ली: पूर्व एयरहोस्टेस गीतिका शर्मा की खुदकुशी के केस में मुख्य आरोपी हरियाणा के पूर्व गृह मंत्री गोपाल कांडा ने आज तड़के चार बजे दिल्ली पुलिस के सामने नाटकीय ढंग से सरेंडर कर दिया.
कांडा ने अशोक विहार डीसीपी ऑफिस में जाकर सरेंडर करने के लिए मीडिया की गाड़ी का सहारा लिया. गिरफ्तार होने के बाद गोपाल कांडा ने कहा कि वो खुद जांच में सहयोग करने के लिए आए हैं. कांडा के मुताबिक, ‘मैंने खुद जांच में सहयोग करने के लिए सरेंडर किया है. दिल्लीं पुलिस को ऐसा नहीं करना चाहिए.’
कांडा ने 12 दिनों तक गिरफ्तारी से बचने की काफी कोशिश की. दिल्ली की निचली अदालत से लेकर हाईकोर्ट तक में अग्रिम जमानत की अर्जी लगाई, लेकिन उनकी अर्जी हर जगह खारिज हो गयी. दिल्ली हाईकोर्ट ने भी शुक्रवार को कांडा को राहत नहीं दी. इसी के बाद कांडा ने आज सुबह सरेंडर कर दिया.
इससे पहले शुक्रवार की देर रात गोपाल कांडा का भाई गोविंद कांडा भी अशोक विहार थाने में पहुंचा था. गोविंद ने तभी कहा था कि गोपाल कांडा जल्द ही सरेंडर करने वाला है. रात भर अशोक विहार थाने में कांडा के समर्थक जुटे रहे. पूरी रात सस्पेंस बना रहा कि सरेंडर के लिए गोपाल कांडा कब आएगा. आखिरकार तड़के चार बजे गोपाल कांडा ने डीसीपी ऑफिस में जाकर सरेंडर कर दिया. गोपाल कांडा को दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया जाएगा. पुलिस के मुताबिक आरोपी अरुणा चड्ढा के साथ गोपाल कांडा को बिठाकर पूछताछ किया जाएगा.
गौरतलब है कि गीतिका का शव पांच अगस्त को उनके उत्तरी दिल्ली के अशोक विहार स्थित आवास पर लटका हुआ पाया गया था. सुसाइड नोट में गीतिका ने कांडा और अरुणा चड्ढा का नाम लिया था. कांडा के खिलाफ मंगलवार को मामला दर्ज किया गया था. उन्हें उनकी पूर्व कर्मचारी गीतिका की मौत के मामले में पूछताछ के लिए सम्मन भेजा गया था. अरुणा पहले ही पुलिस हिरासत में हैं.
कांडा एमडीएलआर एयरलाइंस के मालिक हैं, जहां गीतिका एयरहोस्टेिस थीं. साल 2009 में एयरलाइंस ने काम करना बंद कर दिया था. गीतिका को कांडा के स्वामित्व वाली एक अन्य कम्पनी में डायरेक्टर बना दिया गया था. गीतिका की खुदकुशी के बाद जब गोपाल कांड के खिलाफ केस दर्ज किया गया तो पहले तो उन्होंने जांच में सहयोग देने की बात कही, लेकिन उसके बाद वह फरार हो गए. दिल्ली पुलिस ने पिछले दिनों 50 ठिकानों पर छापे मारे, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला. अब 12 दिन बाद कांडा ने सरेंडर किया है.




