नई दिल्ली: गीतिका शर्मा खुदकुशी केस में अब परतें धीरे धीरे खुलने लगी हैं. रोहिणी कोर्ट सोमवार को दिल्ली पुलिस ने जो बातें बताईं हैं वे बेहद चौंकाने वाली हैं. दिल्ली पुलिस ने बताया है कि जब 2011 में गीतिका को एमडीएलआर का डारेक्टर बनाया गया तो जो अपॉइंटमेंट लैटर उसे दिया गया था, उसमें लिखा था कि उसको हर शाम कंपनी के मैनेजिंग डारेक्टर यानि गोपाल कांडा से मिलना पड़ेगा.
पुलिस के मुताबिक इस बात से साफ है कि कांडा उसका शोषण करता था. साथ ही अरुणा और कांडा की ओर से लगातार इस बात के लिए भी उसके ऊपर प्रेशर डाला जाता था कि वो कंपनी न छोड़े. सोमवार को अरुणा चड्ढ़ा की पुलिस रिमांड के चार दिन पूरे हो गए. कोर्ट में अरुणा की पेशी पर पुलिस ने अपॉइंटमेंट लैटर के बारे में खुलासा किया.
पुलिस ने रोहिणी कोर्ट में बताया कि गीतिका खुदकुशी केस में मुख्य आरोपी गोपाल कांडा ने सबूतों को नष्ट कर दिया. पुलिस के मुताबिक उसके और गीतिका के बीच में होने वाले ईमेल व्यवहार को उसने नष्ट कर दिया. गीतिका ने जब आमीरात एयरलाइंस में नौकरी कर ली तो गोपाल कांडा ने उसको दुबई से प्रत्यर्पण कराने के लिए भारत सरकार ने नकली कागजात बनवाए. पुलिस ने ये बात रविवार को कोर्ट में बताई.
पुलिस ने कोर्ट में ये भी बताया कि कांडा और अरुणा ने किस तरह गीतिका को खुदकुशी के लिए उकसाया. पुलिस के मुताबिक कांडा किसी भी सूरत में गीतिका को कंपनी नहीं छोड़ने देना चाहता था. इसके लिए उसने पैसा, धमकी और अपनी ताकत को इस्तेमाल किया. अरुणा ने पुलिस को बताया कि वो इस मामले में कांडा के आदेश का पालन करती थी.
पुलिस ने बताया कि गीतिका पर इस बात का दवाब डाला जाता था कि वो एमडीएलआर को न छोड़े. अरुणा चड्ढ़ा जो कंपनी में ग्रुप कॉर्डीनेटर की हैसियत से काम करती थी वो कांडा के आदेश पर चलती थी. जब जब जीतिका कंपनी छोड़ना चाहती थी कांडा पहले गीतिका को कॉल करता था और फिर अरुणा को. वो अरुणा से कहता कि गीतिका पर नौकरी न छोड़ने के लिए दवाब डाले.
एक बार तो अशोक विहार स्थित गीतिका के घर पर भी गई. पुलिस के मुताबिक ये गीतिका के खिलाफ गोपाल कांडा और अरुणा चड्ढ़ा की साजिश थी ताकि वो नौकरी न छोड़ पाए.




