
Ranchi : अपर न्यायायुक्त एसएस प्रसाद की अदालत ने दहेज हत्या के अभियुक्त किरण सिंह को सात साल की सजा सुनाई है. यह मामला लालपुर थाना कांड संख्या 123/2006 से संबंधित है. घटना की तिथि 3 दिसंबर 2006 है. मामले की सूचक मृतका साधना सिंह उर्फ हीरा की बड़ी बहन वंदना सिंह है. थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार साधना की शादी 22 जनवरी 2006 को मोरहाबादी स्थित आम बगीचा निवासी दिलीप सिंह से हुई थी. साधना को दहेज के रूप में उनके घर वालों ने छह लाख रुपए दिए थे, लेकिन ससुराल वालों ने दहेज के रूप में मोटरसाइकिल, फ्रिज और सोफा की मांग को लेकर साधना को प्रताड़ित करते थे. इस संबंध में साधना ने अपने मायके वालों से फोन से मारपीट की सूचना भी दी थी. उन्होंने कहा था कि ससुराल वाले कहते हैं कि दहेज नहीं दोगे तो बहन से हाथ धोना पड़ेगा.
वहीं 3 दिसंबर 2006 को दोपहर 3 बजे साधना के ससुर रामचंद्र सिंह ने सूचना दी कि साधना ने फांसी लगा ली है. सूचना पर साधना के घरवाले गए तो देखा कि वह चौकी पर लेटी है और उसके गले में दाग का निशान है. इससे पता चलता लगता है, इससे पता चलता है कि डंडे से साधना का गला दबा दिया गया है. उसका गला दबा दिया गया है. इस मामले में छह अन्य अभियुक्तों के खिलाफ पुलिस ने चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें साधना के पति दिलीप कुमार सिंह सास सुमित्रा देवी ससुर रामचंद्र सिंह, देवर अशोक कुमार सिंह, ननद किरण कुमारी, ननद मिली उर्फ नीरन और ननद गुड्डू उर्फ पूनम का नाम शामिल है. इन सभी को अदालत ने कांड संख्या 283 /2007 सात साल की, जबकि सबसे अधिक पति दिलीप सिंह को 10 साल की सजा 25 जुलाई 2008 को सुना चुकी है, जबकि एक अन्य अभियुक्त किरण सिंह को पुलिस ने चार्जशीट में फरार दिखाया था. इस मामले में अभियोजन की ओर से 10 गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई थी.
इसे भी पढ़ें- सोशल मीडिया पर अपने गुर्गों द्वारा भ्रामक पोस्टर लगवाकर झामुमो की छवि खराब करने की कोशिश में सीएम : सुप्रियो
दहेज प्रताड़ना के आरोपी मोहम्मद तबरेज को 2 साल की सजा
न्यायिक दंडाधिकारी अरविंद कुमार नंबर दो की अदालत ने दहेज प्रताड़ना मामले के अभियुक्त मोहम्मद तबरेज को 2 साल की सजा सुनाई है. अदालत में तबरेज पर तीन हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर उसे 3 माह अतिरिक्त सजा काटनी होगी. यह मामला इटकी थाना कांड संख्या 32/15 से संबंधित है. घटना की तिथि 3 अप्रैल 2015 है. थाने में दर्ज मामले के अनुसार पीड़िता से तबरेज ने 2 जनवरी 2008 में कोर्ट मैरिज की थी. शादी के पूर्व ही उसने पीड़िता से शारीरिक संबंध बनाया था, लेकिन वह शादी से इंकार करता रहा. पीड़िता हमेशा उससे सामाजिक रीति-रिवाज से शादी करने के लिए बोलती थी. लेकिन वह तैयार नहीं होता था.
बार-बार शादी करने के बावजूद शादी के लिए तैयार नहीं होने पर पीड़िता ने इटकी थाने में कांड संख्या 61/ 05 दर्ज कराया. जिसके बाद अभियुक्त 2 साल तक जेल में बंद रहा. अदालत में मामले के ट्रायल और फैसला जल्द होने के डर से उसने दो व्यक्तियों मोहम्मद मोईन इराकी और मोहम्मद तारिक इराकी को पीड़िता के पास सुलह करने के लिए भेजा. सुलह करानेवाले दोनों व्यक्तियों को तरह-तरह के प्रलोभन देने के बाद पीड़िता सुलह के लिए तैयार हो गई. लेकिन तबरेज कभी भी पीड़िता को पत्नी की तरह नहीं रखता था, उस पर वह हमेशा तलाक के लिए दबाव देता था और जान से मारने की धमकी भी देता था. इसके बाद पीड़िता ने दोनों सुलह कराने वालों को समझने के लिये बुलाया, लेकिन तबरेज ने दोनों को भी डांट कर भगा दिया. अदालत में सुलह कराने वाले तारीख और मोईन को रिहा कर दिया, जबकि तबरेज को आइपीसी की धारा 498 ए में दोषी करा दिया था. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से छह लोगों की गवाही कराई गई, जबकि बचाव पक्ष की ओर से 2 गवाहों की गवाही दर्ज कराई गई.
इसे भी पढ़ें- ड्राइविंग लाइसेंस बनाना हुआ आसान, ऑनलाइन करें आवेदन
नाबालिग के साथ छेड़छाड़ के आरोपी का बयान दर्ज
पोक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश शिवपाल सिंह की अदालत में नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने के अभियुक्त अभिमन्यु कुमार का बयान दर्ज किया गया. अदालत में अभियुक्त ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया. यह मामला खेलगांव थाना कांड संख्या 107/2017 से संबंधित है. घटना की तिथि 4 अप्रैल 2017 है. मामले के सूचक दीपाटोली सैनिक कैंप में सिग्नल रेजीमेंट के पद पर तैनात सिपाही है. थाने में दर्ज एफआईआर के अनुसार सैनिक 4 अप्रैल को दोपहर 3 बजे रिलायंस फ्रेश में पत्नी और छोटे बेटे के साथ मार्केटिंग करने गए थे.
घर पर उनकी 13 वर्षीय नाबालिग बेटी थी, जब घर पर लौटे तो बेटी ने बताया कि अभिमन्यु घर पर आए थे और पूछा कि मम्मी पापा कहां है तो बताया कि मार्केट गए हैं. इसके बाद उसने बच्ची के प्राइवेट पार्ट को छूने लगा और मना करने पर भी नहीं रुका. इस मामले में 6 अप्रैल 2017 को अभियुक्त अभिमन्यु को गिरफ्तार किया गया, जबकि 20 मई 2017 को मामले में चार्जशीट दाखिल की गई. इधर इस मामले में अभिमन्यु को 15 अप्रैल 2017 को जमानत भी मिल चुकी है. इस मामले में बचाव पक्ष की ओर से गवाही समाप्त हो गई है. अब इस मामले में शुक्रवार से बहुत शुरू होगी.
इसे भी पढ़ें- शिक्षकों की मांग : पहले प्रोन्नति फिर कोई काम, प्रधानाध्यापकों को डीडीओ से मुक्त करने की साजिश का विरोध
मनी लॉन्ड्रिंग मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का अदालत में उपस्थित हुए
सीबीआई के विशेष न्यायाधीश अनिल कुमार मिश्रा की अदालत में गुरुवार को मनी लॉन्ड्रिंग और आय से अधिक संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री एनोस एक्का उपस्थित हुए. इस मामले में गवाह के उपस्थित नहीं होने के चलते मामले में गवाही नहीं हो सकी. मालूम हो कि एनोस एक्का पर आय से अधिक संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग का मामला विशेष अदालत ने चल रहा है.
न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.




