रांची: किसानों के विकास से ही देश का विकास होगा। देश की 70 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, कृषि ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है खुशहाल किसान ही खुशहाल देश का निर्माण कर सकते हैं। उक्त बातें राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू ने कही। वे बुधवार को प्लान्डू स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के 17 वें स्थापना दिवस में उपस्थित लोगों को सम्बोधित कर रही थीं।
राज्यपाल ने कहा कि पूर्वी क्षेत्र के खेत उपजाऊ हैं परन्तु पैदावार ज्यादा नहीं हैं। सिंचाई की सुविधा मात्र 30 प्रतिशत है। जल-स्तर बहुत नीचे चला जाता है। वैज्ञानिक ढंग से खेती कैसे की जाए इसकी जानकारी किसानों ससमय जिले इसे सुनिश्चित करना है। राज्यपाल ने कहा कि किसानों को कृषि करने के लिए नवीनतम जानकारी मिले इसके लिये प्रखण्ड स्तर पर नियमित रूप से कृषि मेला का आयोजन किया जाना चाहिए। आज गांव के बच्चे पढ़-लिखकर गांव में रहना नहीं चाहते हैं गांव से पलायन हो रहा है। राज्यपाल ने कहा कि पिछले दिनों उनसे खड़गपुर के छात्र मिले थे जो अच्छी नौकरियों को त्याग कर गांव में बसना और खेती करना चाहते थे। मुझे यह जानकर बेहद प्रसन्नता हुई इसकी प्रशंसा की जानी चाहिए। कृषि देश और राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। राज्यपाल ने कहा कि इस संस्था द्वारा खेतों पर उन्नत किस्मों एवं नवीनतम तकनीकों की जानकारी किसानों को उपलब्ध करायी जाती है, जिससे उन्हें लाभ हुआ है। राज्यपाल द्वारा बिहार, झारखण्ड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, असम, बंगाल से आए किसानों को शाल एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित भी किया गया।
(आईपीआरडी)




