नई दिल्ली: आजादी के बाद आज तक देश में कोई महिला उपराष्ट्रपति नहीं बनी है, इसलिए मैं इसके लिए चुनाव लड़ रही हूं. यह कहना है देश की प्रथम ऑटो चालक सुनीता चौधरी का जिन्होंने कल उपराष्ट्रपति पद के लिए भी अपना पर्चा भरा था जो रद्द हो गया. इस बार उन्होंने अपने प्रस्ताव के रूप में एक सांसद का जुगाड़ किया है. कैप्टन जयनरायण निषाद ने उनके पर्चे पर हस्ताक्षर किया है. उनका पर्चा इस बार भी खारिज हो जाएगा पर वे हिम्मत नहीं हारी हैं.
उन्होंने कल घोड़ी पर सवार होकर हाथ में तलवार लिए, रानी लक्ष्मीबाई, का रूप धारण कर राष्ट्रपति भवन में जाने की कोशिश की तो पुलिस उन्हें पकड़ लिया. श्रीमती चौधरी ने 2100 रुपए में घोड़ी को किराए पर लिया था और अपने दोस्त से एक तलवार मांग कर ले आयी थीं.
उन्होंने कहा कि वे प्रचार पाने के लिए यह सब नहीं कर रही हैं, बल्कि वाकई किसी महिला को उपराष्ट्रपति पद पर आसीन होने के लिए प्रयास कर रही हैं.




