
Ranchi : झारखंड में दो सीटों समेत देशभर में 9 जगहों पर हुए उपचुनाव के नतीजों को लेकर इंटरनेट और सोशल मीडिया पर खूब प्रतिक्रियाएं आ रही है. लोग ट्विटर और फेसबुक पर पोस्ट करके अपनी राय जाहिर कर रहे हैं. ज्यादातर कमेंट झारखंड के सीएम रघुवर दास और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तंज है.
Ranchi : झारखंड में दो सीटों समेत देशभर में 9 जगहों पर हुए उपचुनाव के नतीजों को लेकर इंटरनेट और सोशल मीडिया पर खूब प्रतिक्रियाएं आ रही है. लोग ट्विटर और फेसबुक पर पोस्ट करके अपनी राय जाहिर कर रहे हैं. ज्यादातर कमेंट झारखंड के सीएम रघुवर दास और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ तंज है.
झामुमो के कार्यकारी अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष हेमंत सोरेन ने ट्विटर पर लिखा है कि उपचुनाव के नतीजे बीजेपी और मोदी सरकार के खिलाफ है. चुनाव जीतने के लिये बड़े-बड़े पोस्टर और जुमले काफी नहीं हैं और यह जनता भी समझती है.

वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने उपचुनाव के नजीजों पर लिखा है कि आज के नतीजे दिखाते हैं कि देशभर में मोदी सरकार के खिलाफ लोगों में बहुत ज्यादा गुस्सा है. अभी तक लोग पूछते थे – विकल्प क्या है? अब लोग कह रहे हैं कि मोदी जी विकल्प नहीं है, पहले इन्हें हटाओ.
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रांची के पत्रकार पंकज जैन ने फेसबुक पर लिखा है लिट्टीपाड़ा, पांकी, लोहरदगा के बाद सिल्ली और गोमिया में भाजपा चुनाव हार गई. सत्ता में भाजपा है और सीटें जेएमएम की बढ़ रही हैं. सीएम के रूप में रघुवर का चुनाव करना क्या भाजपा की बड़ी भूल थी? क्या राज्य की जनता आज भी आदिवासी नेतृत्व को पसंद करती है? प्रचार-प्रसार, मीडिया मैनेजमेंट पर करोड़ों खर्च कर विकास की गाथा गांव पंचायत शोर मचाने वाली रघुवर सरकार क्या वाकई लोगों का भरोसा जीतने में विफल रही है? आखिर क्यों कांग्रेस मुक्त भारत का सपना देखने वाली भाजपा छोटे दलों से पिट रही है?
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वहीं विष्णु राजगढ़िया ने फेसबुक पर लिखा है, कुछ चाणक्यों ने जितना दिमाग सिल्ली में किसी को हराने में लगाया, उसका आधा भी अगर गोमिया में अपने उम्मीदवार को जिताने में लगाया होता, तो दोनों सीट बच जाती. उन्होंने लिखा है कि गोमिया-सिल्ली दोनों सीट वापस झामुमो को मिल गई. क्या वाकई दोनों सीट को मामूली वजहों से खाली कराकर उपचुनाव कराए गए? दोनों मामलों में स्पीकर ने मिनटों में फैसला क्यों सुनाया, जबकि झाविमो विधायकों का मामला चार साल से लटका है?
उन्होंने यह भी लिखा है कि गोमिया-सिल्ली की हार में मोदी जी का बड़ा योगदान है. ऐन चुनाव के वक्त धनबाद व रांची में उनके प्रोग्राम में कार्यकर्ता फालतू व्यस्त रहे. कार्यकर्ता इत्मीनान थे कि मोदी लहर काम आएगी.
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