
Ranchi : पतरातू रेलवे साइडिंग पर जिंदल को कोयला पहुंचाने वाली कंपनी ने अजीब खेल किया है. जिस कोलियरी का कोयला इस कंपनी को जिंदल के छत्तीसगढ़ के तमनार प्लांट के लिए भेजना था, उस कोलियरी का कोयला अभी कोलियरी में ही पड़ा है और इधर कंपनी ने खेल कर दिया.
मामला इतना हाई प्रोफाइल है कि मामले की शिकायत सीबीआई तक से की गयी है. कई और एजेंसियों को मामले में हस्तक्षेप कर जांच करने के लिए कम्प्लेन किया गया है. इधर इस कांड का खुलासा होने के बाद कोयला जगत के सप्लायरों के बीच हड़कंप मचा हुआ है.
उठाना था बिरसा कोलियरी का कोयला उठा लिया किसी और का
जिंदल पावर लिमिटेड के तमनार, छत्तीसगढ़ के प्रोजेक्ट के लिए दो कोलियरी से कोयला रैक के जरिए प्लांट में भेजना था. The Commodity Hub को उरीमारी और दूसरे कोलियरी से 4000 एमटी कोयला रैक के जरिए पावर प्लांट को भेजना था.
वहीं Pranabnaman Minerals Pvt Ltd (PNM) को बिरसा कोलियरी से 4000 एमटी कोयला प्लांट में भेजना था. लेकिन कागजों की चालाकी कर PNM कंपनी ने किसी और कोलियरी का कोयला रैक के जरिए पतरातू साइडिंग से प्लांट भेज दिया.
कैसे हुआ सारा खेल
कोयला उठाव से संबंधित सारे कागजात जिंदल ने दोनों कंपनियों को भेज दिए. सेल ऑडर से लेकर तमाम कागजात दोनों कंपनियों के पास थे. कोयला कोलियरी से उठकर पतरातू रेलवे साइडिंग आना था, वहां से रैक के जरिए पावर प्लांट जाना था.
सीबीआई को की गयी शिकायत में The Commodity Hub ने PNM पर आरोप लगाया है कि कंपनी ने बिना किसी सूचना के नौ मार्च को उरीमारी कोलियरी से कोयला उठाने के लिए मांग पत्र रेलवे को सौंपा. वरीयता के हिसाब से PNM के नंबर कोयला उठाव करने के लिए सबसे पहले आता है.
PNM ने पतरातू रेलवे साइडिंग से उरीमारी कोलियरी के कोयले के नाम पर किसी और कोलियरी का कोयला लोड करा कर प्लांट भेज दिया. अब एक बार उरीमारी कोलियरी का कोयला उठ जाने से दोबारा The Commodity Hub को कोयला उठाने की इजाजत नहीं मिलेगी. ऐसे में पूरे मामले को एक क्रिमिनल एक्ट के तौर पर देखा जा रहा है.




