
NewDelhi : भाजपा राष्ट्रवाद से लबरेज पार्टी है और इसीलिए देश और राष्ट्रवाद की बात करती है. लेकिन कुछ राजनीतिक दल देश की बात करने से डरते हैं. अन्य पार्टियां यदि देश की बात करेंगी तो जेएनयू वाले लोग देश विरोधी नारे कैसे लगायेंगे. केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री वीके सिंह ने यह बात कही. वीके सिंह आजतक द्वारा आयोजित विशेष सुरक्षा सभा में बोल रहे थे. इस क्रम में कहा कि राजनीति कोई भी करे, लेकिन सेना के मनोबल को कमजोर नहीं करना चाहिए. जनरल सिंह से पूछा गया कि भाजपा को लगता है कि 2019 के चुनावों से पहले उसे एक बड़ा मसला राष्ट्रवाद का मिल गया है. सेना के शौर्य का भाजपा राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश क्यों कर रही है? सिंह ने जवाब दिया कि भाजपा की एक सोच है. सबसे पहले देश, फिर दल और फिर स्वयं. जिस पार्टी में राष्ट्रवाद भरा हुआ है वह राष्ट्रवाद के अलावा और क्या बात करेगी. देश की ही बात करेगी.
बाकी लोग सोचते हैं कि अगर हम देश की बात करेंगे तो शायद तुष्टिकरण नहीं कर पायेंगे. कहा कि अगर वे देश की बात करेंगे तो जेएनयू वाले नारा कैसे लगायेंगे? जो देश की बात करता है वह जेएनयू जैसा नारा नहीं लगायेगा. देश को तोड़ने वाले नारे नहीं लगायेंगे.
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1971 की जंग में हमने विश्व रिकॉर्ड कायम किया
वीके सिंह ने कहा कि तक हम 26 जनवरी और 15 अगस्त को ही सेना को याद कर लेते थे, लेकिन अब अगर देश महसूस करता है कि सेना की बात करनी चाहिए उसके शौर्य की बात करनी चाहिए तो यह अच्छी बात है, अगर यह राजनीति का मसला बनता है तो इससे अच्छी बात क्या होगी. उन्होंने कहा कि कोई भी देश जो सैनिकों की इज्जत नहीं करता वह आगे नहीं बढ़ सकता. मैं चाहूंगा कि पूरा देश 365 दिन इस शौर्य, शहादत को याद रखे. 1971 की जंग में 13 दिन की लड़ाई में हमने विश्व रिकॉर्ड कायम किया, 90 हजार कैदी पकड़े और एक नया देश बना दिया, इसके बाद चुनाव में कांग्रेस को कितने ज्यादा वोट मिले. कांग्रेस को इसका फायदा हुआ. हर अच्छे काम का फायदा होता है.
एयरस्ट्राइक को लोग संकीर्ण तरीके से देखते हैं. मामला यह नहीं कि कितने मरे कितना नुकसान हुआ, तथ्य यह है कि पहली बार भारत ने एक निर्णायक निर्णय लिया कि हम आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में कोई सीमा नहीं रखेंगे.
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