दिल्ली से मंत्री सरयू राय ने दी जानकारी, निर्माण की बाधा हुई दूर
दिसंबर तक चलने लायक होगी सड़क
मधुकॉन को हटाकर केंद्र करायेगा काम
पहले टोल से वसूली फिर बैंकों का हिसाब होगा
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Ranchi, 12 November : रांची-टाटा हाइवे एनएच-33 पर शीघ्र तेज़ी से काम शुरू होगा. इसे साल भर के भीतर पूरा कर लिया जायेगा. केन्द्र सरकार गैरजिम्मेदार ठेकेदारों को हटाकर खुद की निगरानी में सड़क निर्माण करायेगी. यह जानकारी खाद्य आपूर्ति मंत्री सरयू राय ने रविवार को नई दिल्ली से फोन पर दी.
दो चरणों में होगा काम
श्री राय ने बताया कि काम दो चरण में होगा. पहले चरण में बीती बरसात के दौरान सड़क का जो हिस्सा गाड़ियों के चलने लायक नहीं रह गया है, उसकी मरम्मत होगी. यह काम 2017 के अंत तक हो जायेगा. अगले दिसम्बर तक जमशेदपुर से रांची तक पूरी सड़क को गाड़ियों के चलने लायक बना दिया जायेगा. ताकि यात्रियों को होनेवाली असुविधा दूर हो जाय. मंत्री ने कहा कि दूसरे चरण में पुल-पुलिया एवं फोरलेन मजबूत सड़क का काम मानक के हिसाब से होगा. यह काम 2018 में पूरा हो जायेगा.
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ़ इंडिया ने सड़क निर्माण कार्य का हिसाब कर लिया है
श्री राय ने बताया कि भारत सरकार के पथ परिवहन मंत्रालय के निर्देश पर नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ़ इंडिया ने सड़क निर्माण पर ठेकेदार द्वारा आधा-अधूरा किये गये काम का हिसाब कर लिया है. इसके मुताबिक़ क़रीब आधा काम ही अभी तक हुआ है. मंत्री के मुताबिक एनएचएआई ने उन बैंकों से भी हिसाब कर लिया है, जिन्होंने ठेकेदार कम्पनी मधुकॉन को एनएच-33 के निर्माण के लिये क़र्ज़ दिया है. बैंकों को बता दिया गया है कि अब अपना पैसा लगाकर सरकार ख़ुद काम करायेगी. अपनी लागत को टॉल लगाकर पहले वसूलेगी. उसके बाद बैंकों के कर्ज की अदायगी होगी. कर्ज देनेवाले बैंकों ने यह शर्त मान लिया है. इस प्रकार एनएच-33 के निर्माण की बाधा दूर हो गयी है.
केंद्रीय परिवहन मंत्री के व्यक्तिगत रुचि के कारण मिली मंजूरी
श्री राय ने बताया कि रविवार को दिल्ली में एनएचआई, परिवहन मंत्रालय एवं परिवहन मंत्री कोषांग के जिम्मेदार शीर्ष पदस्थ अधिकारियों से वार्ता के दौरान यह जानकारी मिली. यह केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी द्वारा एनच-33 का निर्माण पूरा करने में व्यक्तिगत रुचि लेने के कारण हुआ है. इसके लिए श्री राय ने उन्हें बधाई देते हुए आभार व्यक्त किया है.




