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Ranchi, 24 October : रिम्स में मरीजों के इलाज में अनदेखी कोई नयी बात नहीं है. समय-समय पर ऐसे मामले यहां देखने और सुनने को मिल ही जाते हैं. ताजा मामला रिम्स की इमरजेंसी विभाग का है. यहां विष्णुगढ़ प्रखंड की 42 वर्षीय महिला लीला (काल्पनिक नाम) दिवाली के दिन घर की साफ-सफाई के दौरान गिर गयी. इस घटना में महिला की कमर की हड्डी टूट गयी. मरीज टूटी हड्डी के साथ, अपने दो बच्चों को लिए सोमवार की सुबह रिम्स इलाज कराने पहुंची. वह सुबह दस बजे से ही रिम्स के इमर्जेंसी वार्ड में दर्द से कराह रही थी. पर वहां डॉक्टर महिला के एचआईवी पीड़ित होने की बात को लेकर इलाज में देर कर रहे थे. मरीज के परिजन ने इस घटना की जानकारी वहां मौजूद झारखंड स्टेट नेटवर्क पीपल लिविंग विथ एचआईवी एड्स के सचिव रंजीत को दिया. जिसके बाद महिला के इलाज के लिए निदेशक से बात करने पर मरीज का इलाज शुरू किया जा सका.
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सरकार एड्स पीड़ितों से हाथ मिलाने की करती है बात
सरकार एड्स के मरीजों से भेदभाव न करने की बात करती है. ऐसे लोगों को समाज का हिस्सा मानते हुए समुचित इलाज का दावा करती है. लेकिन रिम्स प्रबंधन का इलाज के प्रति उदासीन रवैया, सरकार के दावों की पोल खोल रही है. हालांकि एड्स पीड़ित के लिए काम करने वाले संगठन के हस्तक्षेप और मीडिया की नजर जब पीड़ित महिला पर पड़ी तब जाकर उस महिला का इलाज शुरू किया गया.




