Uncategorized

सिद्धारमैया का भाजपा पर हमला,  हम सेक्युलर हैं, भाजपा के हिंदू कम्युनल

Bengaluru : कर्नाटक के सीएम सिद्धारमैया ने कहा है कि हम सेक्युलर हैं और भाजपा के हिंदू कम्युनल . बता दें कि कर्नाटक में चुनाव 12 मई को है. भाजपा के स्टार प्रचारक पीएम मोदी मैदान में उतर चुके हैं. भाजपा व कांग्रेस के बीच आरोप–प्रत्यारोप जारी है. इधर मोदी, योगी, अमित शाह, उधर राहुल, सिद्धारमैया. जुबानी जंग स्तरहीनता को छू रही है. असली मुददे दरकिनार कर दिये गये हैं. इस आपाधापी में कांग्रेस के सीएम सिद्धारमैया ने एक चैनल से जो कहा, वह चुनावी हवा की बयार किस ओर बह रही है, यह दिखाता है. इस क्रम में उन्होंने भाषा, लिंगायत कार्ड के बाबत भी जवाब दिये. सिद्धारमैया ने कहा कि भाजपा के जो हिंदू हैं, वे सांप्रदायिक हैं. हम सेक्युलर हैं उन्होंने दावा किया कि वे बिना किसी समर्थन के सरकार बनायेंगे. बता दें कि सिद्धारमैया ने हिंदू आतंकवाद पर अपने बयान पर सफाई दी कि मैंने कहा था कि मैं भी हिंदू हूं और हिंदू होने का मतलब होता है सेक्युलर यानी धर्मनिरपेक्ष होना, जबकि भाजपा के जो हिंदू हैं, वे कम्युनल हैं. साथ ही सिद्धारमैया ने कहा, पीएम  मोदी ने कर्नाटक के लिए कुछ नहीं किया है. वे बतायें कि कर्नाटक के विकास में उनका क्या योगदान है.  सिद्धारमैया ने गिनाया कि कर्नाटक सरकार की कई योजनाओं को केंद्र से मंजूरी नहीं मिली. किसानों के लिए कर्जमाफी को लेकर भी हमें केंद्र का साथ नहीं मिला. सिद्धारमैया का आरोप था कि भाजपा और जेडी(एस) के बीच गुप्त समझौता है. सिद्धारमैया ने कहा कि उन्हें जेडी(एस) के समर्थन नहीं चाहिए. कांग्रेस अकेले ही सरकार बनाने में सक्षम है.   

इसे भी पढ़ें – नोबेल पुरस्कार देने वाली संस्था पर सेक्स स्कैंडल का कलंक, लटक सकता है साहित्य का नोबेल

येदियुरप्पा जेल जा चुके हैं, हमारी सरकार का कोई मंत्री जेल नहीं गया

सिद्धारमैया का राज्य में बढते अपराध के संदर्भ में कहना था कि यह राजनीतिक आरोप है. कहा कि पिछली सरकारों की तुलना में अपराध दर में कमी आयी है. भ्रष्टाचार के आरोपों को पर सिद्धारमैया ने भाजपा पर पलटवार किया. कहा कि येदियुरप्पा जेल जा चुके हैं और जमानत पर हैं.  ऐसे में अमित शाह और मोदी  हमपर भ्रष्टाचार के आरोप कैसे लगा सकते हैं. हमारी सरकार में कोई ऐसा मंत्री नहीं है जिसे जेल जाना पड़ा हो.  किसानों की आत्महत्या को लेकर कहा कि  हालंकि पिछले दो साल में आत्महत्या बढ़ी हैं.  इसके लिए हमारी सरकार लगातार प्रयास करती रही है. कर्नाटक में हिंदी भाषा के विरोध के सवाल पर सिद्धारमैया ने कहा कि हमने किसी भाषा के प्रदेश में आने का विरोध नहीं किया. हर भाषा की पढ़ाई होनी चाहिए. लोग  जो चाहें वह पढ़ें,  लेकिन हमपर हिंदी थोपी नहीं जा सकती और हम लगातार इसका विरोध करते रहे हैं. भाषा के मामले में जबरदस्ती नहीं होनी चाहिए.

इसे भी पढ़ें – कैंब्रिज एनालिटिका ने अपना कामकाज किया बंद, दिवालिया घोषित करने की तैयारी भी की

लिंगायत अलग धर्म की मांग लिंगायतों की थी

लिंगायत कार्ड खेलने की बात पर सिद्धारमैया ने कहा,  लिंगायत नया धर्म नहीं है और हमने इसकी शुरुआत नहीं की. पूर्व में केंद्र की यूपीए और राज्य में येदियुरप्पा की सरकार के समय इसका प्रस्ताव तैयार कर ऊपर भेजा गया था. मांग राज्य के लिंगायतों की थी,  कांग्रेस ने इसकी शुरुआत नहीं की. राज्य के अलग झंडे को लेकर भी कहा  कि  कर्नाटक के लोग चाहते थे कि हमारा एक अलग झंडा हो इसलिए हमने एक कमेटी बनाई और उसपर बात आगे बढाई.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलो भी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button