रांचीः राज्य के उच्च विद्यालयों में शिक्षकों के लगभग 50 फीसदी पद रिक्त हैं. लातेहार जिले के सात राजकीयकृत उच्च विद्यालयों में शिक्षकों के कुल 91 पद सृजित हैं, जिसमें 42 पद खाली हैं. धनबाद में 597 में से 301 व जमशेदपुर में 644 में से 360 पद रिक्त हैं. सरकार इसके बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर रही है. सरकार चाहे, तो 1500 शिक्षकों को बिना परीक्षा लिये नियुक्त कर सकती है.
वर्ष 2010 में राज्य के उच्च विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए झारखंड लोक सेवा आयोग ने परीक्षा ली थी. इसमें लगभग 1600 शिक्षकों की नियुक्ति की गयी थी. इसके बाद भी शिक्षकों के पद रिक्त रह गये थे, जबकि निर्धारित कट ऑफ मार्क्स के अनुरूप लगभग 1500 और अभ्यर्थियों को नियुक्त किया जा सकता था.
झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति में द्वितीय पत्र के लिए 50 फीसदी अंक कट ऑफ मार्क्स निर्धारित किया गया था. अनुसूचित जाति व जनजाति को पांच फीसदी की छूट दी गयी थी. परीक्षा के बाद झारखंड लोक सेवा आयोग द्वारा विषय के अनुरूप मेरिट लिस्ट तैयार किया गया. 50 फीसदी अंक प्राप्त करनेवाले अभ्यर्थियों की न तो नियुक्ति की गयी और न ही उन्हें सफल ही घोषित किया गया.
वर्ष 2010 में ली गयी शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में 50 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करनेवाले अभ्यर्थी नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं. छात्रों का कहना है एक ओर विद्यालयों में शिक्षक नहीं हैं, वहीं दूसरी ओर सरकार सफल लोगों को नियुक्त नहीं कर रही है. नियुक्ति से वंचित अभ्यर्थियों ने हाइकोर्ट में याचिका दायर की. हाइकोर्ट ने आदेश में कहा कि सरकार चाहे, तो शिक्षक नियुक्ति परीक्षा में 50 फीसदी से अधिक अंक प्राप्त करनेवाले अभ्यर्थियों को नियुक्त कर सकती है. हाइकोर्ट के निर्णय सुनाने के लगभग दो माह बाद भी नियुक्ति को लेकर कोई कार्रवाई नहीं हुई है.




