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Ranchi, 14 September: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के झारखंड में शाही स्वागत के लिए हो रहे खर्चे पर सवाल उठाया है. झामुमो ने कहा है कि शाह के शाही स्वागत पर सरकार जनता का पैसा लुटा रही है. पार्टी के महासचिव सुप्रीयो भट्टाचार्य ने अमित शाह के स्वागत में लगाये गये विज्ञापनों पर हुए खर्च को जनकोषीय बंदरबांट करार दिया है और कहा है सरकार जनता का धन विज्ञापन पर लुटा रही है. उन्होंने कहा कि बिना प्रोटोकॉल के अमित शाह के शाही स्वागत पर सरकारी पैसा खर्च किया जा रहा है. आईपीआरडी के द्वारा उनके स्वागत के लिए बैनर, होर्डिंग बनवाया गया है. उन्होंने सरकार से इस पर श्वेत पत्र जारी करने की मांग भी की.
आईपीआरडी की बजट राशि को छह महीने में ही खर्च कर दिया
सुप्रीयो भट्टाचार्य ने कहा कि उपलब्धियों के 1000 दिन गिनाने वाली सरकार ने आईपीआरडी के लिए आवंटित राशि को छह माह के अंदर ही अपने प्रचार-प्रसार पर खर्च कर दिया. राज्य सरकार ने इसके लिए 1 अरब, 14 करोड़, 27 लाख, 50 हजार की बजट की राशि आवंटित की थी, जो अब खत्म हो चुकी है. उन्होंने कहा कि अगले चुनाव तक सरकार तीन अरब रुपए प्रचार-प्रसार खर्च कर देगी. इस प्रकार की व्यापक जनकोष का बंटरबाट, राज्य के लिए विचित्र घटना है.
किस हैसियत से शाह को सरकारी कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बनाया गया
सुप्रीयो भट्टाचार्य ने सरकार से प्रश्न करते हुए कहा कि किस हैसियत से अमित शाह को सरकारी कार्यक्रम का मुख्य अतिथि बनाया गया है. क्या नियम है, बिना शपथ लिए हुए सांसद को कैसे सरकारी कार्यक्रम का चीफ गेस्ट बना दिया गया. उन्होंने कहा कि एनआरएचएम और सर्व शिक्षा का भी पैसा मोमेंटम झारखंड पर खर्च कर दिया गया. कई हजार करोड रुपए खर्च करने के बाद मोमेंटम झारखंड के नाम पर राज्य में कितना निवेश हुआ सरकार बताए.
गोलीकांड, किसान और नवजात की मौत है सरकार की उपलब्धि
झामुमो नेता ने कहा कि राज्य में तीन-तीन गोली कांड हुए. इसमें आधा दर्जन से अधिक लोग मर गए. राज्य में आंदोलन जारी है. जन आक्रोश सड़कों पर आए दिन दिख रहा है. स्वास्थ्य सेवा और शिक्षा व्यवस्था ठप है. सरकारी अस्पतालों में नवजातों की मौत हो रही है. हॉस्पिटल में उपकरण नहीं है, किसान आत्महत्या कर रहे हैं. ये सब एक हजार दिन की उपलब्धि है क्या. उन्होंने कहा कि अमित शाह क्या इसी उपल्ब्धि के लिए सरकार का कंधा थपथपाने आ रहे है.




