
NewDelhi: सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन पाकिस्तान की आदत में शुमार है. लेकिन जब भी भारत की ओर से जवाबी कार्रवाई की जाती है, तो पाकिस्तान शांति बहाली का राग अलापता है. सोमवार को भारत की ओर से सीमा पर पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने के बाद पड़ोसी देश ने फिर से एलओसी पर शांति की अपील की. भारतीय सेना की कार्रवाई से घबराए पाकिस्तानी रेंजर्स ने सेक्टर कमांडरों से मुलाकात कर कार्रवाई बंद करने की गुहार लगाई. पाकिस्तानी रेंजरों की अपील पर सोमवार शाम को साढ़े पांच बजे बॉर्डर सिक्यॉरिटी फोर्स के साथ फ्लैग मीटिंग हुई. लगभग एक घंटे चली इस मीटिंग में सीमा पर सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने पर सहमति बनी. दोनों तरफ के गांवों को गोलाबारी से बचाने और आपस में भरोसा बहाल करने के लिए हर स्तर पर चर्चा शुरू करने पर भी सहमति बनी. अब दोनों देशों के सेक्टर कमांडरों के बीच 21 जून को फिर मुलाकात होगी.
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भारतीय कार्रवाई से थर्राया पाकिस्तान
पाकिस्तान बेवजह सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन करता आया है. वही सीमापार से पिछले कई दिनों से जारी गोलीबारी में पड़ोसी देश ने जम्मू के अरनिया, आरएसपुरा, सांबा इलाके के 35 गांवों को निशाना बना रहा था. इससे इन गांवों में भारी नुकसान हुआ जिससे पलायन के हालात बन गए थे. वही शनिवार को देर रात दो जवानों की शहादत के बाद बीएसएफ ने जबरदस्त जवाबी हमला किया था. इससे पाकिस्तान की कई चौकियों को भारी नुकसान हुआ. बीएसएफ की मुंहतोड़ जवाब के बाद एकबार फिर पाकिस्तान बैकफुट पर दिखा और कार्रवाई से घबराते हुए सीमा पर शांति की अपील की.
फ्लैग मीटिंग में सीमा सुरक्षा बल के सात अधिकारियों के दल का नेतृत्व सेक्टर कमांडर डीआइजी पीएस धीमान ने किया. वहीं, पाकिस्तान के तेरह सदस्यीय दल का नेतृत्व चिनाब रेंजर्स सियालकोट के सेक्टर कमांडर ब्रिगेडियर अमजद हुसैन ने किया. रेंजर्स के दल में चार ¨वग कमांडर शामिल थे. अगली मीटिंग 21 जून को होगी.
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