लखनऊ/देहरादून/चण्डीगढ़/पणजी/इम्फाल, 6 मार्च | देश के पांच राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखण्ड, पंजाब, गोवा व मणिपुर में विधानसभा चुनावों के लिए मंगलवार को मतगणना जारी है। पांचों राज्यों में सुबह आठ बजे ही कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना की शुरुआत हो गई और 8.30 बजे तक रुझान आने शुरू हो गए। उत्तर प्रदेश विधानसभा की 403 सीटों के लिए मतों की गिनती जारी है। मतगणना केंद्रों पर सुरक्षा की व्यापक व्यवस्था की गई है। इस चुनाव में 6839 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा जिसमें मंत्रियों, विधायकों सहित कई दिग्गज शामिल हैं। उत्तर प्रदेश में मतगणना के लिए 72 केंद्र बनाए गए हैं।
उत्तर प्रदेश में यह देखना दिलचस्प होगा कि बहुजन समाज पार्टी (बसपा) सत्ता में वापसी करती है या समाजवादी पार्टी (सपा) के दिन वापस लौटते हैं। यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने भी पूरा दमखम लगाया है। प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों के लिए यहां मुकाबला है और जो भी दल 202 के जादुई आंकड़े को छुएगा, सरकार उसी की बनेगी।
उत्तराखण्ड विधानसभा की 70 सीटों पर मतगणना जारी है। राज्य के तीसरे विधानसभा चुनाव में 788 उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला होना है। प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को सत्ता बचाने की चुनौती है। पिछले साल पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल ‘निशंक’ पर भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद उनके स्थान पर नए मुख्यमंत्री के रूप में आए भुवन चंद्र खंडूरी भाजपा की सत्ता बरकरार रखने की कोशिश कर रहे हैं। खंडूरी का कोटद्वार विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस उम्मीदवार सुरेंद्र सिंह नेगी से सामना है।
पंजाब में मतगणना में राज्य की 117 विधानसभा सीटों के लिए 30 जनवरी को हुए चुनावों के 93 महिलाओं सहित 1,078 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। राज्य निर्वाचन अधिकारियों ने बताया कि दोपहर तक सभी परिणामों के आने की उम्मीद है। राज्य में 52 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। राज्य के कुल एक करोड़ 76 लाख मतदाताओं में से 76 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया था।
राज्य में सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन व विपक्षी कांग्रेस के बीच मुख्य टक्कर है। हाल ही में गठित सांझा मोर्चा भी मैदान में है। राज्य के पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत बादल की नवगठित पीपुल्स पार्टी ऑफ पंजाब (पीपीपी) इसका नेतृत्व कर रही है।
रोचक यह है कि लाम्बी विधानसभा सीट पर 84 वर्षीय मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल का अपने ही छोटे भाई पीपीपी उम्मीदवार 81 वर्षीय गुरदास बादल और अपने चचेरे भाई कांग्रेस के महेशिंदर सिंह बादल से सामना है।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह पटियाला शहरी सीट से जबकि उप मुख्यमंत्री व अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल फरीदकोट जिले की जलालाबाद सीट से किस्मत आजमा रहे हैं।
चुनावी समर में उतरे अन्य प्रमुख नेताओं में पीपीपी अध्यक्ष मनप्रीत बादल (गिदरबाह व मौर), पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल (कांग्रेस, लेहरागाना सीट) और अमरिंदर के बेटे रानिंदर सिंह (कांग्रेस, सामना सीट) शामिल हैं।
गोवा की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। संयुक्त मुख्य निर्वाचन अधिकारी एन.एस. नवति का कहना है कि पणजी व मार्गो में दो घंटे के अंदर मतगणना पूरी हो जाएगी और सुबह 11 बजे के करीब परिणामों की घोषणा किए जाने की सम्भावना है। गोवा में तीन मार्च को मतदान हुआ था। यहां मतदान का प्रतिशत 82.8 रहा, जो एक रिकॉर्ड है।
मतगणना में उत्तरी गोवा की 23 व दक्षिणी गोवा की 17 सीटों पर 74 स्वतंत्र उम्मीदवारों व नौ महिलाओं सहित 215 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा।
यहां के राजनीतिक परिदृश्य में तृणमूल कांग्रेस ने भी पहली बार अपने 20 उम्मीदवार मैदान में उतारे। अन्य पार्टियों में समाजवादी पार्टी (सपा), समाजवादी जनता पार्टी, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया और जनता दल-सेक्युलर के उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला होना है। इसके अलावा गोवा विकास पार्टी और युनाइटेड गोअन डेमोक्रेटिक पार्टी (यूजीडीपी) के प्रत्याशियों ने भी अपनी किस्मत आजमाई है।
इसके अलावा नागरिक समाज ने भी जागृत गोयनकारेंचो इकवोट (जेडजीई) के बैनर तले 10 उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था।
कांग्रेस ने इस बार गोवा में एकमात्र महिला विधायक 77 वर्षीया विक्टोरिया फर्नाडीस को टिकट नहीं दिया। फर्नाडीस सेंट क्रूज निर्वाचन क्षेत्र से विधायक थीं। पार्टी ने दो अन्य महिलाओं को प्रत्याशी बनाया है। इनमें लोक निर्माण विभाग के मंत्री चर्चिल अलेमाओ की बेटी वालंका अलेमाओ बेनौलिम निर्वाचन क्षेत्र से तथा शिक्षा मंत्री अटानासियो मोनसेरेट की पत्नी जेनिफर शामिल हैं। जेनिफर को टालीगाओ निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव मैदान में उतारा गया है।
बंद व उग्रवाद से जूझ रहे मणिपुर में विधानसभा की 60 सीटों पर मतगणना जारी है। मतगणना में 15 महिलाओं सहित 279 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला होना है। हैट्रिक बनाने की तैयारी में जुटे मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह ने कहा है कि कांग्रेस को कम से कम 35 सीटें मिलेंगी। उनकी पत्नी लनधोनी देवी खंगबोक सीट से विधायक हैं।
यहां सत्तारूढ़ कांग्रेस जहां लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश में जुटी है, वहीं विपक्ष ने भी कांग्रेस को सत्ता में आने से रोकने के लिए पांच दलों का एक गठबंधन पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीएफ) तैयार किया है। इसमें मणिपुर पीपुल्स पार्टी (एमपीपी), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), जनता दल (युनाइटेड) और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) शामिल हैं।
एमपीपी ने उन विधानसभा क्षेत्रों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ भी सीटों के लिए तालमेल किया जहां गठबंधन के दल चुनाव नहीं लड़ रहे। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) और तृणमूल कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया। कांग्रेस हालांकि, जीत को लेकर आश्वस्त है, लेकिन वह अपनी सरकार द्वारा सात उग्रवादी संगठनों पर लगाए प्रतिबंध को लेकर ‘चिंतित’ भी है। (आईएएनएस)




