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Latehar, 12 October: विश्व के प्रसिद्ध पलामू टाइगर रिजर्व के बेतला नेशनल पार्क स्थित कोर एरिया के लुकुमखीड़ पंचायत के केड़ गांव में तस्करों ने हाथी की गोली मारकर हत्या कर दी गयी. वन क्षेत्र में पेट्रोलिंग करने वाले वनकर्मियों ने मृत हाथी को बरामद किया. हाथी के सिर पर गोली लगने के निशान मिले हैं. हाथी की हत्या की सूचना मिलने के बाद वन अधिकारियों में हड़कंप मच गया है. मौके पर सर्किल इंस्पेक्टर अवधेश सिंह बरवाडीह थाना प्रभारी रतन कुमार सिंह सहित वन विभाग के अधिकारी पहुंच कर हाथी की मौत की. बेतला रेंज के डायरेक्टर एमपी सिंह ने हाथी के हत्या की पुष्टि की है.
हाथी का दांत उखाड़ने के लिए की गयी हत्या
हाथी का शव जंगल में कीचड़ में पड़ा फंसा था. मौत के कारणों का पता लगाने के लिए शव की छानबीन की गयी तो सिर के हिस्से में गोली लगने के निशान पाए गए. हाथी के दांत काफी बड़े हैं. एमपी सिंह ने बताया कि तस्करों ने हत्या करने के बाद हाथी के दांत को भी काटने की कोशिश की, लेकिन वह कामयाब नहीं रहे.
मामले की हो रही जांचः पीटीआर निदेशक
इस संबंध में पीटीआर के निदेशक से जब फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गयी तो उन्होंने बताया कि फिलहाल वह बाहर हैं, लेकिन मामले की जांच की जा रही है. जांच के लिए अधिकारियों की एक टीम घटनास्थल पर भेजा गया है. वन विभाग के अन्य पदाधिकारियों से भी इस संबंध में जानकारी लेने की कोशिश की गयी, लेकिन सभी ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ बोलने की बात कही.
हाथी को गोली मारनेवाला गिरफ्तार, गुनाह कबूला
इधर हाथी का हत्यारा मोनिक फ्रांस खलखो को गिरफ्तार कर लिया गया है. उसके पास से राइफल भी बरामद किया गया है. पलामु टाइगर रिजर्व के फिल्ड डायरेक्टर मदन प्रसाद सिंह और डिप्यूटी फिल्ड टायरेक्टर अनिल कुमार मिश्रा ने जानकारी दी है कि अपराधी मोनिक फ्रांस खलखो ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है. उसने हाथी को मारने के पीछे की वजह यह बतायी कि उक्त हाथी ग्रामिणों को कई दिनों से परेशान कर रहा था. उसने फसल भी बरबाद कर दिये थे. बता दें कि हाथी के गड्ढे में गिरने के गाद उसे गोली मारी गयी थी. फिल्ड डायरेक्टर ने हाथी की ग्रामीणों द्वारा की गयी हत्या को निर्मम हत्या करार दिया है. उन्होंने कहा कि गोली लगने के बाद अधिक मात्रा में खून बह जाने के कारण हाथी की मौत हो गयी.




