
Ranchi: राज्य सरकार द्वारा झारखंड में संचालित एमजीएम मेडिकल कॉलेज की सीट नहीं घटायी जाएगी. गौरतलब है कि मेडिकल कॉउन्सिल ऑफ इंडिया(एमसीआई) की टीम ने एमजीएम कॉलेज जमशेदपुर का दौरा किया था. जहां की बुनियादी सुविधा व अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेकर एमबीबीएस की 100 सीट से घटकर 50 सीट करने का फैसला लिया था. इस फैसले के विरोध में स्वास्थ्य विभाग की प्रधान सचिव निधि खरे ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के अपर सचिव अनिल सिंघल से मिलकर सीटें नहीं घटाने का अनुरोध किया था.
वहीं एमसीआई द्वारा सीटें घटाने के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर किया गया था. इस याचिका के आलोक में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि एमजीएम कॉलेज जमशेदपुर की एमबीबीएस की सीटें यथावत रहने दिया जायेगा. यानी की पहले की तरह ही एमजीएम मेडिकल कॉलेज जमशेदपुर में एमबीबीएस की 100 सीटें बरकार रहेगी.
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प्रधान सचिव ने नयी दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से किया था संपर्क
उल्लेखनीय है कि राज्य के स्वास्थय मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने एमसीआई द्वारा सीटें घटाने के फैसले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करने की बात कही थी. प्रधान सचिव ने इसे लेकर नयी दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के वकीलों से संपर्क भी किया था. बता दें कि एमसीआइ ने पीएमसीएच की सीटें 50 से बढ़ाकर 100 करने से इनकार कर दिया था. पिछले साल इसकी सीटें 100 से घटाकर 50 कर दी गयी थीं.
स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव निधि खरे ने बताया है कि एमसीआई द्वारा जो भी कमियां बताई गई है, उसको दूर करने की कोशिश पूर्व में शुरू कर दी गई है. कई विभागों में रिक्त पदों के लिए साक्षात्कार लिए गए हैं. वहीं इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित जरूरतों पर फोकस किया गया. इन कमियों को जल्द से जल्द दूर किया जाएगा. उन्होंने खुशी जताई है कि राज्य के मेडिकल कॉलेजों में सीटें अब कम नहीं होंगी. छात्रों को पूर्व की सीटों पर नामांकन लिया जाएगा. उन्होंने भरोसा दिलाया कि स्वास्थ्य विभाग कोर्ट के आदेश के अनुसार सुधार काम पूरा कर लेगा.
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2019-20 सेशन के लिए मेडिकल कॉलेजों की मान्यता की कवायद
गौरतलब है कि राज्य सरकार नये मेडिकल कॉलेजों (पलामू, हजारीबाग और दुमका) की मान्यता के लिए नये सिरे से ऑनलाइन आवेदन करेगी. इसके तहत अब 2019-20 के लिए आवेदन किया जायेगा. एमसीआई की वेबसाइट पर 15 जून से सात जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन भरा जाना है. स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त सचिव सुधीर रंजन ने इसे लेकर तीनों मेडिकल कॉलेजों के प्रभारी प्राचार्यों को हर हाल में संबंधित दस्तावेज 25 जून तक विभाग को उपलब्ध कराने को कहा है, ताकि समय पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सके. बता दें कि राज्य सरकार ने तीनों मेडिकल कॉलेजों के लिए 500 से अधिक पद सृजित किये हैं. तीनों मेडिकल कॉलेजों की 2018-19 में ही मान्यता के लिए आवेदन किये गये थे, लेकिन एमसीआई ने इस सत्र के लिए मान्यता देने से इनकार कर दिया.
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