
Mumbai: बंबई उच्च न्यायालय ने एक निचली अदालत में उद्योगपति नुस्ली वाडिया द्वारा रतन टाटा और टाटा संस के कुछ अन्य निदेशकों के खिलाफ साल 2016 में दायर आपराधिक मानहानि के मामले में सुनवाई पर 27 मार्च तक सोमवार को रोक लगा दी.
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न्यायमूर्ति मृदुला भाटकर की एकल पीठ ने एक अंतरिम आदेश के जरिये इसकी सुनवाई पर रोक लगा दी. न्यायमूर्ति भाटकर अब टाटा और टाटा संस के अन्य निदेशकों की ओर से दायर याचिका पर 27 मार्च को सुनवाई करेंगी. जिसमें इस मामले को रद्द करने का निवेदन किया गया है.
इसलिये न्यायमूर्ति भाटकर ने मजिस्ट्रेट अदालत के तब तक मानहानि मामले पर सुनवाई करने पर रोक लगा दी.
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वाडिया ने अपनी याचिका में दावा किया था कि 24 अक्टूबर, 2016 को टाटा संस के समूह चेयरमैन के पद से साइरस मिस्त्री को हटाने के बाद टाटा और अन्य ने उनके खिलाफ अपमानजनक बयान दिये हैं.
वाडिया की तरफ से इस मामले में वकील अबद पोंडा जबकि रतन टाटा और अन्य की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदम्बरम, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और वकील अभिषेक मनु सिंघवी व अन्य पेश हुए.
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