रांची: 20 नवंबर, गुरूवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य कार्यालय में एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी के राज्य सचिव भ्ाुवनेश्वर प्रसाद मेहता, पार्टी के वरिष्ठ नेता खगेन्द्र ठाकुर, सहायक सचिव के डी सिंह ने संयुक्त रूप से पार्टी का चुनावी घोषणा पत्र जारी किया। घोषणा पत्र जारी करते हुए मेहता ने कहा कि संघर्षों के बुनियाद पर झारखण्ड राज्य अस्तित्वमान हुआ। लेकिन झारखंडिओं के साथ विश्वासघात हुआ। मुख्यमंत्री सहित मंत्री, विधायक, पदाधिकारी भ्रष्टाचार में लिप्त रहे। इनके सहयोग से झारखण्ड में कॉर्पोरेट घराने और कर्इ नामी गिरामी पूंजीपतियों को झारखण्ड के संसाधनों को लूटने का मौका मिला। उन्होंने कहा कि राज्य सत्ता ने कोर्इ नीति नहीं बनार्इ। उन्होंने कहा हमारी पार्टी निम्न प्रमुख मुद्दों को लेकर चुनाव में उतरी है।
1। पार्टी हर हाल में झारखण्ड की प्रा।तिक संसाधनों यथा खनिज, जल, जंगल, जमीन की हिफाजत करेगी।
2। भ्ाूमि अधिग्रहण कानून 2013 में संशोधन न हो इसके लिए पार्टी व्यापक संघर्ष चलाएगी साथ साथ। कृषि भ्ाूमि का अधिग्रहण न हो इसकी गारंटी करेगी।
3। मुकम्मल विस्थापन और पुनर्वास नीति बनाएगी तथा जो विस्थापित हो गए हैं उनका अता पता कर मुआवजा दिलाने का प्रयास करेगी।
4। स्थानीय नीति तय कर तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के नौकरियों में स्थानीय लोगो की बहाली को प्राथमिकता देगी।
5। बेरोजगार नौजवानों के लिए रोजगार सृजन का प्रयास करेगी साथ साथ जब तक रोजगार नहीं मिलता 3000 रुपया बेरोजगारी भत्ता की नीति बनाने का प्रयास करेगी। इसके अलावा झारखण्ड वासियों के शिक्षा, स्वास्थ्य, नौकरी, भाषा, सी। एन। टी। एवं एस। पी। टी। एक्ट, महिलाओं के अधिकार, पंचायत अधिकार आदि को प्राथमिकता देगी। भ्रष्टाचार को ख़त्म करने तथा मंहगार्इ पर लगाम लगाने हेतु पार्टी लगातार संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा की इनके अलावा और भी कर्इ मुद्दे हैं जो घोषणा पत्र में दिए गए हैं। – के र्इ सैम




