
Ranchi : राजधानी रांची में नौकरी दिलाने के नाम ठगी करने वालों का गिरोह सक्रिय हो गया है. गिरोह के सदस्य फर्जी ज्वाइंनिग लेटर बनाकर या उन्हें फोन कर नौकरी दिलाने के एवज में मोटी रकम वसूल रहे हैं. बेरोजगार लोगों को ठगे जाने का एहसास तब होता है जब संबंधित कंपनी उन्हें हकीकत बताती है. कुछ ऐसा ही मामला कोकर स्थित पैरेगॉन फाइनांस लिमिटेड में नौकरी दिलाने से संबंधित सामने आया है. पीड़िता का नाम डिंपल मंडल बताया गया है. पीडिता को किये गए एक फोन के माध्यम से उसे पता चला कि भारतीय रोजगार सेवा एंजेसी ने उनकी नौकरी पैरेगॉन फाइनेन्स लिमिटेड में पक्की करवा दी है. उसकी सैलरी 23,500 होने की बात कही गई थी. इसके एवज में शनिवार तक पीड़िता को 6000 रुपये भारतीय रोजगार सेवा एंजेसी द्वारा दिए एकांउन्ट में जमा करने करने को कहा गया था. पीड़िता से ठगों ने [email protected] और मोबाइल नंबर 7838572608 के द्वारा संपर्क किया था.
चेम्बर को दी गई हैं जानकारी
मामले को लेकर न्यूज विंग के संवाददाता ने जब रांची में रोजगार देने के काम से जुड़ी रही कंपनी एसरटिव एडुकोन प्राइवेट लिमिटेड के आशुतोष भट्टाचार्य से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि पिछले कई दिनों से राजधानी में रोजगार दिलवाने के मामले में ठगी का मामला सामने आया है. उन्होंने बताया कि चूंकि वे खुद झारखंड चेम्बर ऑफ कॉमर्स एंड इंस्डट्रीज के सदस्य है एवं इस व्यवसाय से जुड़े एक प्रतिष्ठित कंपनी के संचालनकर्ता रहे है. इसलिए उन्होंने चेम्बर के महासचिव कुणाल अजमानी को मामले से पूरी तरह से अवगत करा दिया, ताकि भविष्य में अन्य किसी के साथ ऐसी घटना न हो.
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टूटता जा रहा है युवा कैंडिडेट का भरोसा
उन्होंने बताया कि प्रतिदिन उनके पास कई युवा कैंडिडेट आते हैं, जो कहते है कि आप एक प्रतिष्ठित संगठन से जुड़े हुए है. अतः बढ़ती ठगी के मामले को चेम्बर के समक्ष रखें. उनके मुताबिक, कई ऐसे संगठन है जो गैर रजिस्टर्ड रूप से कार्य कर रहे है. इससे कहीं न कहीं इन युवा कैंडिडेट्स का भरोसा टूटता जा रहा है, जिसका परिणाम एक प्रतिष्ठित रजिस्टर्ड कंपनी को भुगतना पड़ता है.
सदर थाना में दर्ज कराया गया है मामला
मामले को लेकर पैरेगॉन फाइनांस लिमिटिड के निदेशक रितेश कुमार गुप्ता ने न्यूज विंग को बताया कि कुछ दिन पहले हजारीबाग की उक्त पीड़िता का फोन उसके पास आया था. पीडिता ने उन्हें उनकी कंपनी में नौकरी लगने व इसके एवज 23,500 रुपया वेतन देने का जिक्र किया था. हालांकि हमारी तरफ से पीड़िता को ऐसी किसी नौकारी मिलने का खंडन किया गया. मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी शिकायत उन्होंने सदर थाना में कर दी. फिलहाल पुलिस ऐसे गिरोह के सदस्यों की तलाश में जुट गई है.
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सक्रिय है राजधानी रांची में नौकरी दिलाने वाले ठग
राजधानी में सरकारी एवं प्राइवेट नौकरी दिलाने के नाम पर ठगों की लंबी फौज तैयार हो गई है. कोई सचिवालय में तो कोई रेलवे में तो कोई प्राइवेट कंपनी में नौकरी दिलाने को तैयार रहता है. आए दिन ठगों का गिरोह लोगों को निशाना बना रहा है.
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