— आवंटित मूल धनराशि से 20 प्रतिशत ज्यादा पैसा मिला झारखंड को —
।। राज्यसभा सांसद परिमल नथवाणी के सवाल पर
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री ने बताया ।।
रांची : वित्तीय वर्ष 2011—12 से तीन वर्षों के दरम्यान केंद्र सरकार ने एनआरडीडब्ल्यूपी और राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम के तहत झारखंड के लिए 634.89 करोड़ रुपया जारी किया है। यह राशि राज्य को आबंटित मूल राशि 527.23 करोड़ रुपये की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक है। सांसद श्री परिमल नथवाणी द्वारा राज्यसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री श्री बिरेन्द्र सिंह ने यह जानकारी दी है।
श्री परिमल नथवाणी ने सवाल पूछा था कि झारखंड को एनआरडीडब्ल्यूपी के तहत वर्तमान वित्तीय वर्ष और पिछले तीन वर्षों में कितनी राशि आबंटित की गई है। मंत्री ने यह भी बताया कि वर्ष 2011—12 में 148.43 करोड़, वर्ष 2012—13 में 243.43 करोड़ और वर्ष 2013—14 में 243.29 करोड़ रुपये आबंटित किये गए।
मंत्री ने बताया है कि चालू वित्तीय वर्ष में केंद्र सरकार ने एनआरडीडब्ल्युपी के तहत 183.53 करोड़ आबंटित किया और तीन दिसंबर 2014 तक 90.46 करोड़ इस मद में जारी किये गए।
अपने उत्तर में मंत्री ने बताया है कि ग्रामीण जलापूर्ति राज्य का मसला है और इस बाबत एनआरडीडब्ल्यूपी के तहत उसे पूरी शक्ति प्राप्त है, जिसमें योजना तैयार करना, उसकी स्वीकृति और क्रियान्वयन शामिल है। उन्होंने बताया है कि राज्यों के साथ वार्षिक कार्य योजना के बाद ही जरूरतमंदों को जलापूर्ति किये जाने का लक्ष्य तय हो जाता है।
मंत्री ने बताया है कि केंद्र सरकार की ओर से एनआरडीडब्ल्यूपी के तहत पिछले तीन वर्षों में 45,610 आवासों को जलापूर्ति सुविधा उपलब्ध करा दी गई है, लक्ष्य था 47,306 आवासों का। उसी तरह तीन दिसंबर 2014 तक के लक्ष्य 16,532 की तुलना में 4,195 आवासों को पेयजलापूर्ति सुविधा दे दी गई है।




