
New Delhi: केन्द्रीय रिजर्व बैंक अपनी छठी मौद्रिक समीक्षा नीति का ऐलान करते हुए लोगों को थोड़ी राहत दी है. RBI ने रेपो रेट में 0.25 फीसदी घटाकर इसे 6.5 से 6.25 प्रतिशत कर दिया है. जबकि रिवर्स रेपो रेट भी घटाकर 6.00 प्रतिशत कर दी गयी है.
रेपो रेट में कटौती से आम आदमी को राहत मिलेगी, अब होम लोन के ब्याज दरों में कटौती होगी. ज्ञात हो कि रेपो रेट वह दर है जिस पर आरबीआई दूसरे बैंकों को कम अवधि का कर्ज देता है. अब जब बैंकों को सस्ता कर्ज मिलेगा तो वो ग्राहकों के लिए भी ब्याज दरों में कमी कर सकते हैं. वहीं कैश रिजर्व रेशियो किसी बैंक के पास मौजूद कुल मुद्रा का वह हिस्सा है जो केन्द्रीय बैंक के अधीन है. इस रेशियो को बढ़ा घटा कर रिजर्व बैंक बाजार में तरलता और बैंक की कर्ज देने की क्षमता में परिवर्तन करता है.
गौरतलब है कि आरबीआई ने पिछली तीन समीक्षा बैठकों में ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया था. हालांकि, उससे पहले दो बार रेपो रेट में 0.25-0.25% का इजाफा किया गया था.




