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Dumka, 14 August: दुमका प्रखंड के कुरुवा पंचायत में दुमका शहर के मास्टर प्लान के विरोध में ग्रामीणों ने सोमवार को बैठक की. मुखिया निर्मला पुतुल मुर्मू, ग्राम प्रधान मांझी बाबा और जून मुर्मू के संयुक्त अध्यक्षता में ग्रामीणों ने इस बैठक में हिस्सा लिया. गौरतलब है कि मास्टर प्लान के अंतर्गत दुमका शहर क्षेत्र का विस्तारीकरण किया जाना है. कुल 42 गांवों को दुमका नगरपालिका में मिलाया जाएगा. इस प्रस्ताव को कैबिनेट से पास किया गया है. बैठक में ग्रामीणों ने कहा कि पंचायती राज राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना है. अगर गांवों को नगरपालिका में मिलाया जाता है, तो इससे राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का सपना और विश्वास टूटेगा. ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि कुरुवा गांव को दुमका नगरपालिका में किसी भी हालत में नही मिलने दिया जायेगा. अगर गांवों को नगरपालिका से जोड़ा गया तो पंचायती राज खत्म हो जायेगा, आदिवासियों का स्वशासन व्यवस्था “मांझी परगना व्यवस्था” ख़त्म हो जाएगी, प्रधानी व्यवस्था खत्म हो जाएगी. इसलिए इसका पुरजोर विरोध किया जायेगा. बैठक में रमेश स्वर्णकार, मनोज सिंह, मुकुल कुमार, सुरेश तूरी, राजू दत्त, दुलाल दत्त, मनोज टुडू, भगत बास्की, नेलसन सोरेन और बमबम भंडारी समेत कई लोग मौजूद थे.




