Uncategorized

2019 में पूर्ण बहुमत के साथ नहीं होगी मोदी सरकार की सत्ता में वापसी: अमेरिकी कंपनी का दावा

NewDelhi: देश में लोकसभा चुनाव में भले ही एक साल से ज्यादा का समय बाकी हो, लेकिन सरकार किसकी बनेगी, किसकी नहीं इसको लेकर अटकलों का बाजार हमेशा से ही गर्म रहा है. कई मीडिया हाउस भी समय-समय पर ऐसे ओपियन पोल जारी कर रहे हैं, जिसमें 2019 के आमचुनाव को लेकर बनती संभावनाओं की जानकारी हो. इन सबके बीच अमेरिका की कंपनी मॉर्गन स्टैनली की रिपोर्ट में ये दावा किया गया है कि आनेवाले आम चुनाव में मोदी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता पर काबिज नहीं होनेवाली, बल्कि कमजोर गठबंधन वाली सरकार बनने की प्रबल संभावना है.

इसे भी पढ़ें:पीएम बनने से पहले तो रेप की घटना पर क्या-क्या नहीं बोलते थे मोदी, अब दे रहें सिर्फ बयान

ये संभावना पिछले पांच साल के लोकसभा चुनाव के आधार पर की गयी है. वॉल स्‍ट्रीट की ब्रॉकरेज कंपनी के अनुसार, गठबंधन की कमजोर सरकार निवेशकों के लिए सबसे बड़ी चिंता है. मॉर्गन स्‍टैनली का कहना है कि बाजार का रुख आगामी आम चुनाव में पिछले लोकसभा चुनाव की तरह आशावादी नहीं रहेगा. कंपनी ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र चुनाव से महज 12 महीने दूर है. ऐसे में आने वाले कुछ महीनों में बाजार में चुनाव परिणाम को लेकर कयासबाजी शुरू होने की संभावना है. बाजार हमेशा मौजूदा से ज्‍यादा मजबूत सरकार की उम्‍मीद के साथ चुनाव में जाता है. लेकिन, वर्ष 2019 के चुनावों में यह लागू नहीं होगा, क्‍योंकि अगले साल वर्तमान से कमजोर सरकार बनने की संभावना है.’

2014 जैसा नहीं 2019 बाजार का माहौल

रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र में गठबंधन की कमजोर सरकार बनने की संभावनाओं के बीच बाजार में आशा और उम्‍मीद रहने की संभावना बेहद कम है. कंपनी का अनुमान है कि 2019 में बाजार का माहौल साल 2014 के आम चुनावों से पहले जैसा नहीं रहेगा. र्मार्गन स्‍टैनली ने पिछले पांच आम चुनावों के आधार पर यह निष्‍कर्ष निकाला है. कंपनी का कहना है कि 90 के दशक के मध्‍य से कोई भी सरकार पूर्ण बहुमत के साथ चुनाव में नहीं गई है.

इसे भी पढ़ें:आरक्षण का लाभ उन्हीं को, जिनका खतियान में है नाम :  नियोजन समिति की अनुशंसा पर सरकार कभी भी ले सकती है फैसला

हालांकि, रिपोर्ट में नरेंद्र मोदी सरकार और बाजार को लेकर उम्‍मीद भी जताई गई है. अमेरिकी फर्म ने माना कि अगर मौजूदा हालात का आकलन किया जाए तो तमाम इंडीकेटर्स मौजूदा सरकार के पक्ष में हैं. अब विकास की संभावना दिखने लगी है. किसानों की स्थिति में भी सुधार आने की संभावना है और रोजगार के अवसर भी लौटने लगे हैं. लेकिन आने वाले कुछ महीनों में इन इंडीकेटर्स में बदलाव आ सकते हैं.

न्यूज विंग एंड्रॉएड ऐप डाउनलोड करने के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पेज लाइक कर फॉलोभी कर सकते हैं.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Articles

Back to top button