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थक कर बैठ जाता हूँ मिट्टी में,मुझे मेरी औक़ात में रहना अच्छा लगता है

रांची, २६ जुलाई: कहा जाता है कि आपका कद कितना भी बड़ा हो जाये, या फिर आप कितनी भी परेशानी में क्यों न हो अपनी साख को कभी नहीं भूलना चाहिए.

अपनी साख से जुड़े रहने का नजारा दिखाया है, झारखण्ड के पूर्व मुख्यमंत्री और आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोपी मधु कोड़ा ने. किसान के घर जन्मे कोड़ा का भी मन मचल उठा ठीक उसी तरह जैसे एक किसान का मन मचलता है. काले-काले बादलों को देख कर, फसल का वक़्त है और मानसून भी मेहरबान, फिर क्या मधु कोड़ा भी हल लेकर पहुँच गए खेत जोतने. खेत जोतने हुए थके तो बैठ गए मिटटी में, जैसे सन्देश दे रहे हैं कि कभी-कभी थक कर बैठ जाता हूँ मिटटी में; मुझे मेरी औक़ात में रहना अच्छा लगता है.

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