
Jaipur: देश में कोरोना संक्रमण की बेकाबू रफ्तार के बीच राजस्थान में भी कोरोना पीड़ितों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. बुधवार को कोरोना संक्रमण के 123 नये केस सामने आये, जिसके बाद राज्य में मरीजों की संख्या बढ़कर 11 हजार 368 हो गयी है. कोरोनो मरीजों की बढ़ती तादाद के बाद राजस्थान सरकार ने बॉर्डर सील करने का फैसला किया है. गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि 7 दिनों के लिए बार्डर सील रहेंगे.
24 घंटे में 123 नये केस, एक की मौत
राजस्थान में कोरोना वायरस संक्रमण से बुधवार को एक और मौत दर्ज की गयी, जिससे राज्य में संक्रमण से मरने वालों की संख्या 256 हो गई है. इसके साथ ही संक्रमण के 123 नये मामले सामने आने के बाद राज्य में इस घातक वायरस से संक्रमितों की अब तक की कुल संख्या 11,368 हो गयी है.
अधिकारियों ने बताया कि मंगलवार सुबह साढ़े दस बजे तक जोधपुर में एक और संक्रमित मरीज की मौत हो गई. इससे राज्य में मरने वालों की कुल संख्या 256 हो गई है. केवल जयपुर में कोरोना वायरस संक्रमण से मरने वालों की संख्या 118 हो गयी है जबकि जोधपुर में 26, कोटा में 18 व अजमेर में 11 रोगियों की मौत हो चुकी है. अन्य राज्यों के 14 रोगियों की भी यहां मौत हुई है.
उन्होंने बताया कि बुधवार को राज्य में संक्रमण के 123 नये मामले सामने आये. इनमें जयपुर में 40, भरतपुर में 34, पाली व सीकर में 11-11, झुंझुनू में नौ, नागौर में पांच व कोटा में तीन नये मामले शामिल हैं. राजधानी में कुल संक्रमित मरीजों की संख्या बढकर 2,400 पहुंच गई है.
एक हफ्ते के लिए बॉर्डर सील
राज्य में कोरोनो पॉजिटिव केस की बढ़ती संख्या के बीच राजस्थान सरकार ने राज्य के बॉर्डर सील करने का फैसला किया है. गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि 7 दिनों के लिए बार्डर सील रहेंगे.
गहलोत सरकार के आदेश के मुताबिक, राजस्थान में बाहरी राज्यों से आने वालों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. केवल पास के जरिये ही राजस्थान में इंट्री मिल सकती है. किसी तरह की मेडिकल इमरजेंसी के मामले में कलेक्टर की ओर से पास जारी किया जाएगा. सीमाएं सील करने के आदेश के साथ ही टोल-नाकों पर पुलिस फोर्स की संख्या बढ़ा दी गई है.
पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था एम एल लाठर ने इस बारे में आदेश जारी किया है. इसमें कहा गया है कि राज्य में कोरोना वायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर राज्य सरकार ने अंतर्राज्यीय आवागमन को नियंत्रित करने का फैसला किया है.
इसमें संबंद्ध पुलिस आयुक्तों, रेंज महानिरीक्षकों व जिला पुलिस अधीक्षकों से कहा गया है कि पड़ोसी राज्यों से लगने वाले सड़क मार्गों व रास्तों पर तत्काल पुलिस चैक पोस्ट स्थापित की जाये और अन्य राज्यों से व्यक्तियों को बिना पास के नहीं आने दिया जाये.
इस व्यवस्था के तहत बाहरी राज्य से उसी व्यक्ति को आने दिया जाएगा जिसने अपने राज्य से एनओसी लिया हो. इसी तरह राज्य से बाहर जाने के लिए भी सक्षम अधिकारी से पास या अनुमति पत्र लेना होगा. इसमें कहा गया है कि सक्षम अधिकारी इलाज के लिए जाने या परिवार में किसी की मृत्यु होने जैसी आपात परिस्थितियों में ही पास जारी करें.
अंतरराज्यीय मार्गों के साथ-साथ हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर भी तत्काल चैक पोस्ट स्थापित करने को गया है. फिलहाल यह व्यवस्था आगामी सात दिन के लिए की गयी है.




