नई दिल्ली, 18 जनवरी | उम्र को लेकर छिड़े विवाद पर सर्वोच्च न्यायालय की शरण में पहुंचे सेना प्रमुख जनरल वी.के. सिंह ने कहा है कि केंद्र सरकार को उनका सेवाकाल निर्धारित करने का अधिकार है। न्यायालय में दायर अपने दस्तावेजों में जनरल सिंह ने कहा है कि वह स्पष्ट करना चाहते हैं कि इस याचिका के फैसले अथवा विवाद के परिणाम पर ध्यान दिए बिना सरकार को थलसेना प्रमुख के सेवाकाल का निर्धारण करने का अधिकार है।
ज्ञात हो कि जनरल सिंह ने 26 अगस्त 2011 को संवैधानिक शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन उनकी इस शिकायत को रक्षा मंत्रालय ने 30 दिसम्बर 2011 को खारिज कर दिया।
सेना मुख्यालय के एडजुटेंट जनरल एवं सैन्य सचिव शाखा में सेना प्रमुख की उम्र से सम्बंधित अलग-अलग दस्तावेज होने से सरकार के साथ यह विवाद पैदा हुआ है।
एडजुटेंट जनरल के कार्यालय में सिह के जन्म का वर्ष 1951 दर्ज है जबकि सैन्य सचिव शाखा में यह 1950 है। सेना प्रमुख का कहना है कि उनका जन्म 10 मई 1951 को हुआ।
सरकार के साथ मामले का कोई हल निकलता न देख सेना प्रमुख सर्वोच्च न्यायालय की शरण में चले गए हैं जबकि सरकार ने भी कैविएट (आपत्ति सूचना) दाखिल कर मामले में कोई फैसला देने से पहले न्यायालय से उसका पक्ष सुनने का अनुरोध किया है। (आईएएनएस)




