
New Delhi. भारत और चीन के बीच तनाव बढ़ता ही जा रहा है. सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच भारतीय सेना की गतिविधियों से चीन बैकफुट पर चला गया है. लद्दाख की 6 चोटियों पर सेना का कब्जा होने के बाद से चीन परेशान हैं. वहीं, दूसरी तरफ राफेल फाइटर जेट की गर्जना भी चीन घबरा गया है.
चीन अब तिब्बत की राजधानी ल्हासा में भारतीय वायुसेना के हवाई हमले से बचाव की तैयारी में जुट में गया है. चीन ने शनिवार को ल्हासा में हवाई हमले से बचाव का ड्रिल किया. इस दौरान मॉक ड्रिल के दौरान नकली बम धमाकों की आवाज सुनी गई और हर तरफ सायरन गूंजते रहे.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, शनिवार को हवाई हमले से बचाव के सायरन ल्हासा में बजाए गए. इस मॉक ड्रिल को पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने शनिवार को अंजाम दिया. कहा जा रहा है कि भारत के राफेल फाइटर जेट के लद्दाख के आसमान में गर्जना के बाद चीन अपनी युद्धक तैयारियां बढ़ा दी है.
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युद्धाभ्यास शुरू
सूत्रों का कहना है कि चीनी सेना पीपल्स लिबरेशन आर्मी ने लद्दाख के पास अपने इलाके में रात में हमले करने का व्यापक युद्धाभ्यास किया था.
ऊंचाई पर भारतीय सेना
बता दें कि भारतीय सेना ने चतुराई के साथ काम करते हुए हाल ही में लद्दाख के पास 6 चोटियों पर कब्जा कर लिया है. आर्मी ने 29 अगस्त से सितंबर के दूसरे हफ्ते तक जिन चोटियों पर कब्जा किया, उनमें मगर हिल, गुरुंग हिल, रेचेन ला, रेजांग ला, मोखपारी और फिंगर 4 के पास स्थित एक चोटी है. ये सभी चोटियां भारतीय सीमा पर हैं, इन चोटियों पर कब्जा से भारतीय सेना अब ऊंचाई से चीनी सेना की नापाक हरकत पर नजर रख सकेगी.




