नई दिल्ली, 6 अप्रैल)| एक समय था जब सोने, हीरे या अन्य कीमती रत्नों के आभूषण लोग परिवार के विश्वसनीय दुकानदार से ही खरीदते थे। लेकिन अब चीजें बदल रही हैं। बहुत से लोग आभूषणों की ऑनलाइन खरीद को तवज्जो दे रहे हैं।
ब्ल्यूस्टोन डॉट कॉम की संस्थापक विद्या नटराज ने आईएएनएस से कहा, “भारत में आभूषणों की ऑनलाइन खरीद शुरुआती चरण में है, लेकिन इसमें व्यापक वृद्धि की सम्भावना है। इससे पहले यहां कभी उस तरह आभूषणों की ऑनलाइन खरीद नहीं देखी गई, जैसा कि अभी देखी जा रही है।”
उन्होंने कहा, “ब्रांडेड, रत्न जड़ित, हल्के डिजाइन वाले आभूषणों की ऑनलाइन खरीद सालोंभर होती रही।”
एसोसिएटेड चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) के अनुसार, वर्ष 2015 तक इंटरनेट की पहुंच बढ़ने के साथ ही देश का ऑनलाइन खुदरा बाजार बढ़कर 70 अरब रुपये का हो जाएगा, वर्ष 2011 में 20 अरब डॉलर का था।
खुदरा ऑनलाइन खरीद-बिक्री के मार्ग में हालांकि कई बाधाएं हैं, खासकर ऐसे में जबकि देश में अधिकतर लोग कीमती वस्तुएं खरीदने से पहले उसे देखना, छूना और आजमाना चाहते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, विश्वास भी बड़ा मुद्दा है, जिसे अच्छी गुणवत्ता के सामान और प्रभावपूर्ण तथा सुविधाजनक सेवा देकर बढ़ाया जा सकता है।
ज्वेल्सकार्ट डॉट कॉम के संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पीयूष बंसल ने आईएएनएस से कहा, “क्रेता व विक्रेता के बीच विश्वास बहाली के लिए हमें कुछ कारगर कदम उठाने की जरूरत है। हर आभूषण के साथ हॉलमार्क प्रमाण-पत्र, सुपुर्दगी सेवा पर नकद, 14 दिन के भीतर सामान लौटाने पर कोई सवाल नहीं और प्रशिक्षित ग्राहक सेवा टीम रखना कुछ ऐसे ही कदम हो सकते हैं।”
ज्वेल्सनेक्ट डॉट कॉम के गौरव इस्सर ने भी इससे सहमति जताई। उन्होंने ऑनलाइन खरीददारी को सुरक्षित भी बताया। इस्सर के अनुसार, ऑनलाइन खरीदी गई वस्तुओं की आपूर्ति सुरक्षित तरीके से की जाती है। भुगतान भी पहले से ही बैंक खातों के जरिये सुरक्षित तरीके से होते हैं।
– राधिका भिरानी.




