
Ranchi : बीते सप्ताह नौ और 10 जून को रिम्स के जूनियर डॉक्टरों और नर्सों की हड़ताल ने पूरे झारखंड की छवि राज्य ही नहीं बल्कि देश में भी धूमिल कर दी है. इस घटना में रिम्स अस्पताल परिसर में मरीजों की तड़प-तड़प कर मौत हुई. जबकि सरकार और रिम्स प्रबंधन मूकदर्शक बनी रही. अस्पताल में एक-एक कर 26 मरीजों की मौत हड़ताल के दौरान हुई. इस घटना के विरोध में झारखंड छात्र संघ ने कोतवाली थाने में हड़ताली डॉक्टरों और नर्सों के ऊपर प्राथमिकी दर्ज करने का मांग किया है.
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अपने अनैतिक मांग को लेकर रिम्स के जूनियर डॉक्टर और नर्सों के द्वारा हड़ताल किया गया. इस दो दिन के हड़ताल में 26 मरीजों की मौत हो गई. मौत का मुख्य कारण डॉक्टरों की अनदेखी और इलाज में लापरवाही है. इसे लेकर कोतवाली थाने में आवेदन के माध्यम से जूनियर डॉक्टर और नर्स पर एफआईआर दर्ज करने का मांग की गयी है. साथ ही परिजनों को मुआवजा देने का मांग की कॉपी भी कोतवाली थाना द्वारा बरियातू थाने को भेज दिया गया है. छात्र संघ ने रविवार को बरियातू थाना द्वारा हम लोगों को अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था. हमने अपना पक्ष रख दिया है और कहा है कि जानबूझकर किए गए हड़ताल ने मरीजों की जान ली है. इस पर आपराधिक मामला दर्ज किया जाना चाहिए. रिम्स में आने वाले मरीजों को अस्पताल में घुसने नहीं दिया गया. वहीं थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि रिम्स प्रबंधन से हड़ताल के दौरान मृत मरीजों की सूची बनाकर जांच के बाद कार्रवाई करेंगे. यदि कार्रवाई नहीं होती है तो झारखंड छात्र संघ हाईकोर्ट में पीआईएल दाखिल करेगा.




