
New Delhi : राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने बेंगलूरू की बेलन्दूर झील के लिए कर्नाटक सरकार की कार्य योजना के लिए उसको फटकार लगाई और शहर की झीलों के निरीक्षण के लिए बुधवार को एक पैनल गठित किया. एनजीटी के कार्यवाहक अध्यक्ष न्यायमूर्ति जवाद रहीम ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से पेश रिपोर्ट गलत और भ्रामक है और हकीकत में उठाए गए कदमों से दूर है.
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14 और 15 अप्रैल गठित समिति करेगी झीलों का निरीक्षण
पीठ ने कहा कि हम राज्य प्राधिकार से ये उम्मीद नहीं करते. राज्य सरकार की ओर से पेश कार्य योजना में गलत तथा भ्रामक सूचनाएं हैं. राज्य की ओर से पेश रिपोर्ट हमें संतुष्ट नहीं करती है. पीठ ने कहा कि हम यहां सिर्फ फाइल पढने और बंद करने भर के लिए नहीं हैं. आदेश का पालन होना चाहिए, क्या आप चाहते हैं कि हम आदेश के पालन के लिए सेना को बुलाएं. अधिकरण ने वरिष्ठ अधिवक्ता राज पंजवानी सहित अनेक विभाग के सदस्यों की एक समिति का गठन किया है. यह समिति 14 और 15 अप्रैल को बेंगलूरू की अगारा, बेलन्दूर और वार्थुर झीलों का निरीक्षण करेगी. समिति को निरीक्षण के बाद एक विस्तृत रिपोर्ट पेश कर यह बताने को कहा है कि पानी के स्रोत के आस-पास बने अपार्टमेंट तथा अन्य प्रतिष्ठान कितना ठोस कचरा पैदा करते हैं.
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