
New Delhi : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फेसलेस स्टेमटमेंट, फेसलेस अपील और टैक्सपेयर्स चार्टर की शुरुआत की. उन्होंने देश के लिये 21वीं सदी के लिये नये टैक्स सिस्टम की शुरुआत करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि हमारी कोशिश ये है कि हमारी टैक्स प्रणाली Seamless हो, Painless हो और Faceless हो. Seamless यानि टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन, हर टैक्सपेयर को उलझाने के बजाय समस्या को सुलझाने के लिए काम करे. Painless यानि टेक्नॉलॉजी से लेकर Rules तक सबकुछ Simple हो.
अभी तक होता यह है कि जिस शहर में हम रहते हैं, उसी शहर का टैक्स डिपार्टमेंट हमारी टैक्स से जुड़ी सभी बातों को हैंडल करता है. स्क्रूटनी हो, नोटिस हो, सर्वे हो या फिर ज़ब्ती हो, इसमें उसी शहर के इनकम टैक्स डिपार्टमेंट की, आयकर अधिकारी की मुख्य भूमिका रहती है. इसे बदली जा रही है.
टैक्सपेयर्स चार्टर भी देश की विकास यात्रा में बहुत बड़ा कदम है. अब टैक्सपेयर को उचित, विनम्र और तर्कसंगत व्यवहार का भरोसा दिया गया है. यानी आयकर विभाग को अब टैक्सपेयर की Dignity का और संवेदनशीलता के साथ ध्यान रखना होगा.
अब विभाग को टैक्सपेयर की बात पर विश्वास करना होगा. डिपार्टमेंट उसको बिना किसी आधार के ही शक की नज़र से नहीं देख सकता.
उन्होंने कहा कि इस प्लेटफॉर्म में Faceless Assessment, Faceless Appeal और Taxpayers Charter जैसे बड़े रिफॉर्म्स हैं. Faceless Assessment और Taxpayers Charter आज से लागू हो गए हैं. यह Honoring the Honest- ईमानदार का सम्मान है.
देश का ईमानदार टैक्सपेयर राष्ट्रनिर्माण में बहुत बड़ी भूमिका निभाता है. जब देश के ईमानदार टैक्सपेयर का जीवन आसान बनता है, वो आगे बढ़ता है, तो देश का भी विकास होता है, देश भी आगे बढ़ता है. आज से शुरू हो रहीं नई व्यवस्थाएं, नई सुविधाएं, Minimum Government, Maximum Governance के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को और मजबूत करती हैं. ये देशवासियों के जीवन से सरकार को, सरकार के दखल को कम करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम है.
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स्क्रूटनी कम होता है अब
उन्होंने कहा कि वर्ष 2012-13 में जितने टैक्स रिटर्न्स होते थे, उसमें से 0.94 परसेंट की स्क्रूटनी होती थी. वर्ष 2018-19 में ये आंकड़ा घटकर 0.26 परसेंट पर आ गया है. यानि केस की स्क्रूटनी, करीब-करीब 4 गुना कम हुई है. स्क्रूटनी का 4 गुना कम होना, अपने आप में बता रहा है कि बदलाव कितना व्यापक है.
130 करोड़ लोग देते हैं टैक्स
बीते 6 वर्षों में भारत ने tax administration में governance का एक नया मॉडल विकसित होते देखा है. इन सारे प्रयासों के बीच बीते 6-7 साल में इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या में करीब ढाई करोड़ की वृद्धि हुई है. लेकिन ये भी सही है कि 130 करोड़ के देश में ये अभी भी बहुत कम है. इतने बड़े देश में सिर्फ डेढ़ करोड़ साथी ही इनकम टैक्स जमा करते हैं.
पीएम ने कहा कि देश के जो भी लोग टैक्स देने में सक्षम हैं, लेकिन अभी वो टैक्स नेट में नहीं है, वो स्वप्रेरणा से आगे आएं, ये मेरा आग्रह है और उम्मीद भी. उन्होंने अपील करते हुए कहा, आगे आइए, विश्वास के, अधिकारों के, दायित्वों के, प्लेटफॉर्म की भावना का सम्मान करते हुए, नए भारत, आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को सिद्ध करें.
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