News Wing Ranchi, 15 November (Chandi Dutt Jha) झारखंड राज्य का 17 वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया गया. लेकिन क्या वाकई राजधानी वासियों ने स्थापना दिवस के खुशी को मनाया या स्थापना दिवस का यह जश्न सिर्फ वीआईपी और वीवीआईपी के लिए था. राजधानी में रहने वाले लोगों का कहना है कि उन्हें 15 नवंबर का यह दिन स्थापना दिवस से ज्यादा इनकन्वीनिएंस डे के तौर पर याद रहेगा. क्योंकि वीआईपी और वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर जिस तरह कई घंटों तक शहर की सांसों को रोककर रखा गया उससे आम लोगों को कितनी परेशानी हुई यह वही बता सकते हैं जिन्होंने परेशानी को झेला है. स्थापना दिवस समारोह को लेकर सुबह से ही रांची में बाजार, दुकान और सड़कें बंद की हालत में नजर आने लगी. धीरे-धीरे दिन ढलता गया और वीआईपी मूममेंट बढ़ता गया. मुख्य सड़कों पर पुलिस और ट्रैफिक सिपाहियों की संख्या बढ़ती गयी. दरअसल यह पूरी व्यवस्था राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के सुरक्षा के मद्देनजर की गयी थी. उनकी सुरक्षा को लेकर ट्रैफिक रूट बदले गये. कई जगहों पर बैरिकेडिंग लगवायी गयी. जगह-जगह पुलिस तैनात कर दी गयी. कुल मिलाकर शहरवासियों को लगभग कैद सा कर दिया गया.
राहगीर परेशान, अन्य दिनों की अपेक्षा कम चले वाहन
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर शहर में कई जगहों पर बैरिकेटिंग की गई, इस कारण अन्य दिनों की अपेक्षा सड़क पर कम संख्या में वाहन दिख रहे थे, जिससे आमलोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा. जहां-तहां लोग वाहन के इंतजार में खड़े दिखे. एकाध ऑटो अगर मिलता भी था तो वह भी पहले से ही भरा रहता था. जिस कारण लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा.
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काफिला गुजरने के बाद अफरा-तफरी का माहौल
कार्यक्रम स्थल और एयरपोर्ट तक राष्ट्रपति का काफिला आने-जाने के बाद का नजारा कुछ और ही था. काफिला आने-जाने के लगभग आधा घंटा पूर्व ही सड़क पर पूरी तरह गाड़ियों का आवागमन बंद कर दिया गया था, साथ ही पैदल चलने पर भी लोगों को रोक दिया जाता था. जिस कारण काफी संख्या वाहन और पैदल राहगीर जमा हो जाते थे. काफिला गुजरने के बाद अफरातफरी का माहौल हो जाता था, जबकि यातायात व्यवस्था के लिए 800 ट्रैफिक जवानों को लगाया गया था. ट्रैफिक जवान इस भीड़ के सामने लचर दिखने लगे, वाहन चालकों को काफी मशक्कत करनी पड़ी.
एंबुलेंस को भी रोक दिया गया
मेन रोड से जब राष्ट्रपति का काफिला गुजरना था. उसके लिए लगभग 40 मिनट तक वाहनों को रोका गया, जिसमें एक एंबुलेस भी फंसा रहा, जाम में एंबुलेस फंसने के कारण मरीज एवं उनके परिजन काफी परेशान थे. मरीज की भी हालत बिगड़ती जा रही थी. राहत इस बात की थी कि स्थापना दिवस के कारण स्कूलों में छुट्टी कर दी गयी थी, वरना बच्चों की गाड़ियां घटों जाम में फंसी रहती और बच्चे भूख-प्यास से बेहाल रहते.
36 स्थानों पर किया गया बैरिकेट
राष्ट्रपति के आगमन को लेकर राजधानी रांची में 36 स्थानों पर बैरिकेट किया गया था. हिनू चौक मंदिर के पास, बिरसा चौक रासो होटल के पास, हटिया स्टेशन रोड, एचईसी, पेट्रोल पंप के पास, सेट फाईव के पास, सेटेलाईट चौक के पास मेकान जाने वाले रोड में, अरगोड़ चौक पुरानी अरगोड़ा चौक जाने वाले स्थान पर, कडरू वाले रोड में, दीनदयाल चौक, हरमू चौक से मुक्ति धाम जाने वाले रोड, सहजानन्द चौक कडरू कटिंग वाले रोड में, कात्तिक उरांव चौक, मुक्तिधाम रोड में, किशोरगंज रोड में गड़ीखाना रोड में, शनि मंदिर रोड में गोशाला कटिंग, न्यू मार्केट चौक, हॉटलिप्स चौक, राजभवन गेट एक के पास, रणधीर वर्मा चौक के पास, डीसी आवास मोड़ के पास, स्टेट गेस्ट चौराहा में, भीभीआईपी प्रवेश द्रार के पास, गोलम्बर मोराबादी मान्या पैलेस के पास, ट्रासफार्मर मोड़ के पास, शिबू सोरेन गली, कडरू कटिंग, देवेन्द्र मांझी, बिग बाजार और रेडिसन के पास, सुजाता चौक, मुण्डा चौक, डोरण्डा थाना मोड़, सोलंकी चौक और चॉदनी चौक हटिया के पास बौरिकेट किया गया था. साथ ही की सड़क के बीच कट्स को पूरी तरह बंद कर दिया गया था.




