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Ranchi, 11 November : बीर इंदर सिंह रंधावा को उनके अपने घर बलवीर विला में घुसने नहीं दिया जा रहा है. बलबीर विला अशोकनगर गेट नंबर दो खाता संख्या 163 प्लाट संख्या 2158 रकवा 70 डिसमिल के मालिक हैं. जिसे आलोक सिंह जालसाजी करके हडपना चाहता है. इसकी जानकारी उन्होंने शनिवार को होटल रेडिशन ब्लू में संवाददाता सम्मेलन करके दी. इन्होंने कहा कि बलवीर विला से अभी भी उन्हें रेन्ट मिल रहा है. बावर्ची रेस्टुरेंट और वसुंधरा होम आज भी रंधावा को ही रेंट देता है, पर उन्हें उनके घर से ही निकाला जा रहा है. रंधावा का कहना है कि उन्हें जान से मारने की भी कोशिश की गयी है और वे एसएसपी और जनसंवाद में अपनी सुरक्षा की गुहार लगा चुके हैं.
क्या है पूरा मामला
इंदर सिंह रंधावा ने अपनी प्रोपर्टी का कुछ भाग अपने पुत्र के मित्र आलोक सिंह के नाम एग्रीमेंट किया था. आलोक सिंह डेवलपर्स का काम देखते हैं. आलोक सिंह की दोस्ती रंधावा के पुत्र डॉ जसदीप सिंह रंधावा जो की आर्मी में कर्नल हैं उनके साथ स्कूल के समय की है. इस पारिवारिक दोस्ती के वजह से उन्होंने एग्रीमेंट कर दिया था. पर तीन साल के बाद रिन्यू नहीं होने से वो स्वतः कैंसिल हो गया. उसके अलावा जो पावर ऑफ अटॉर्नी दिया गया था उसको इंदर सिंह ने रिवोक कर दिया था.
कोर्ट में है केस
इस पूरे मामले का केस कोर्ट में चल रहा है. रंधावा का कहना है कि न्यायालय जो भी फैसला लेगी इसका सम्मान करेंगें. पर उनका ये भी कहना है कि केस जमीन का है और बलवीर विला पर इनका कोई हक नहीं. जबकि आलोक सिंह दवारा घर पर कंस्ट्रकशन का काम भी किया जा रहा है. वहीं रंधावा के साथ धक्का मुक्की भी की गयी. रंधावा ने यह भी बताया कि पिंक ऑटो के संजय साहू दवारा उनकी रेकी भी करवाई जा रही है. जालसाजी के विरोध में इन्होंने शिकायतवाद संख्या 795 13 दायर किया. इसके बाद आलोक कुमार सिंह की निचली और उच्चतम न्यायालय तक जमानत के लिए आवेदन दिया, पर सारे निरस्त कर दिए गए हैं.




