दुमका: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने यहां इण्डोर स्टेडियम डिजिटल कैशलेस झारखण्ड निर्माण महाअभियान के दूसरे दिन अपने संबोधन में अपील की कि हम दिसम्बर के अन्त तक झारखण्ड को कैशलेस बनायें और प्रधानमंत्री के कैशलेस भारत अभियान में बढ़चढ़ कर योगदान दें। उन्होंने कहा कि अपने परिवार समाज और राष्ट्र के बेहतरी के लिए कुछ करने का अवसर जीवन में कुछ सौभाग्यशाली लोगो को ही प्राप्त होता है। आइये हम सब मिलकर डिजिटल और कैशलेस झारखण्ड के निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिष्चित करें। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के 70 वर्षों बाद भी आमजनों की हालात में बहुत ज्यादा परिवर्तन नही हुआ है तो इसका प्रमुख कारण भ्रष्टाचार, कालाधन की समानान्तर अर्थव्यवस्था, टैक्सों की हेरा-फेरी, आंतकवाद, उग्रवाद आदि प्रमुख कारण रहे हैं। श्री दास ने कहा कि आठ नवम्बर को प्रधानमंत्री द्वारा 500 एवं 1000 रुपये के बड़े नोटों को चलन से बाहर करने से देश की प्रगति में बाधक इन सारी समस्याओं से एक साथ निज़ात पाई जा सकती है। मुख्य मंत्री ने नोटबंदी के पश्चात् आमजनों को नगदी की समस्या से निजात दिलाने में बैंक अधिकारियों की भूमिका की बेहद सराहना की। उन्होंने कहा कि आज हम ज्ञान आधारित तकनीक युग में जी रहे है। दुनिया बड़ी तेजी से बदल रहा है यदि हम इन बदलावों के साथ कदम मिलाकर नही चलेगें तो काफी पीछे छूट जायेगें। उन्होंने कहा कि कैशलेस झारखण्ड बनाने में स्मार्ट फोन की भूमिका महत्वपूर्ण होगी इसीलिए झारखण्ड सरकार ने 5 हजार रुपये मूल्य तक के स्मार्ट फोन को पूरी तरह वैट मुक्त कर दिया है।
इस अवसर पर झारखण्ड सरकार की मुख्य सचिव राजबाला वर्मा ने अपने सम्बोधन में कहा कि 2 दिसम्बर से एक साथ रांची में कैम्प लगाकर 3 हजार बैंक शाखों में कैशलेस झारखण्ड निर्माण महाअभियान की शुरुआत की गई। उन्होंने कहा कि अब मोबाइल ही हमारा बैंक और बटुआ होगा जिससे राशि का भुगतान हो सकेगा तथा किसी से हम भुगतान प्राप्त कर सकते है। इस महाअभियान में 40 हजार आंगन बाड़ी सेविका, सहायिका एवं सखी मंडल सहित कुल 5 लाख जागरूक महिलाओं के साथ हजारों की तादाद में अधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, छात्र, डॉक्टर, नर्स, एएनएम आदि जुड़ेंगे जो मास्टर ट्रेनर के रूप में अन्य लोगों को डिजिटल झारखण्ड बनाने हेतु मोबाईल बैंकिंग हेतु प्रशिक्षित करेंगे।
(आईपीआरडी)




