रांची : तृतीय प्रस्तुति कमिटी (टीपीसी) के सदस्यों ने दस माओवादियों को अगवा कर दो की हत्या कर दी है। बाकी आठ के मारे जाने की आशंका जतायी जा रही है। पर पुलिस ने इस बात की पुष्टि नहीं की है। घटना चतरा जिला के प्रतापपुर ब्लाक की है। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर छापामारी अभियान शुरू कर दिया गया है।
इस घटना के संबंध में पुलिस ने बताया कि रौशनपुर थाना क्षेत्र में वारदात को अंजाम दिया गया जो झारखंड के चतरा और बिहार के गया जिला का बार्डर इलाका है। इसी इलाके से दोनों राज्यों में दस्ते का आना जाना होता है। स्थानीय सूत्रों से जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक टीपीसी के सदस्य बुधवार (31 जुलाई) शाम परसाचुंआ गांव पहुंचे। वहीं से भाकपा (माओवादी) के 10 सदस्यों का अपहरण कर उन्हें प्रतापपुर ब्लाक लाया गया। सबसे पहले टॉप लीडर की शिनाख्त कर उन्हें मार दिया गया। इनमें माओवादी नीरज यादव जोनल कमांडर जबकि बालेश्वर यादव एरिया कमांडर के पद पर तैनात था।
इधर, पुलिस इस बात की आशंका जता रही है कि बाकी आठ माओवादियों की हत्या कर शव शायद जंगल में छिपा दिया गया हो। लेकिन इससे पहले 28 मार्च (2013) को माओवादियों और टीपीसी दस्ते के बीच मुठभेड़ हुई थी। जिसमें माओवादियों के टॉप लीडर को मारने के बाद बाकी सदस्यों को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था। टीपीसी और माओवादियों के बीच कट्टर दुश्मनी है।




