Read Next
21/12/2025
भारत के पुल : कठिनाइयों पर स्थापत्य की विजय
30/11/2025
रांची : किंग कोहली के विराट शतक और कुलदीप के 4 विकेटों से जीता भारत, 17 रनों से मिली जीत
26/11/2025
क्रिकेटर विराट कोहली पहुंचे रांची, 30 नवंबर को होने वाले वनडे मुकाबले में आएंगे नजर
23/11/2025
ED के 44 ठिकानों पर हुई रेड में मिले 14 करोड़ से अधिक नकद और कोयला घोटाला के बड़े सबूत
20/11/2025
नीतीश कुमार ने 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली, 26 मंत्रियों में तीन महिला और एक मुस्लिम चेहरा शामिल
18/11/2025
अल फलाह यूनिवर्सिटी के फाउंडर जावेद सिद्दीकी मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार, ईडी की रेड के बाद हुई गिरफ्तारी
18/11/2025
एक करोड़ का इनामी नक्सली कमांडर हिडमा और उसकी पत्नी हुई ढेर
17/11/2025
अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेला में झारखंड पवेलियन में लाइव तसर सिल्क डेमो ने खींचा आगंतुकों का ध्यान
15/11/2025
बिहार चुनाव में एनडीए की रिकॉर्ड जीत पर बोले पीएम मोदी, बिहार ने गर्दा उड़ा दिया
13/11/2025
सुप्रीम कोर्ट का झारखंड सरकार को निर्देश, सारंडा वन क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य के रूप में करें अधिसूचित
Back to top button
Bhopal : गोरक्षा के नाम पर हो रही हिंसा और भीड़ हत्या पर लगाम लगाने ने लिए मध्यप्रदेश सरकार सख्त कानून बनाए हैं. इसके लिए मध्यप्रदेश सरकार ने हिंसा व भीड़ हत्या करने वाले स्वयंभू गोरक्षकों को छह महीने से लेकर पांच साल तक की जेल की सजा का प्रावधान बनाया है.
गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम-2004 में संशोधन करने की मंजूरी
मुख्यमंत्री कमलनाथ के नेतृत्व में बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक में मध्यप्रदेश गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम-2004 में संशोधन करने की मंजूरी दी गई.
मध्यप्रदेश की कांग्रेस नीत सरकार आठ जुलाई से होने वाले आगामी विधानसभा सत्र में इसे अमलीजामा पहनाने के लिए पेश करेगी. मध्यप्रदेश के पशुपालन मंत्री लाखन सिंह यादव ने इसकी पुष्टि की है.
आधिकारिक जानकारी के अनुसार इस संशोधन के विधानसभा में पारित होकर कानून बनने के बाद यदि कोई शख्स अकेला गोरक्षा के नाम पर हिंसा करेगा तो उसे छह महीने से लेकर तीन साल की सजा और 25,000 रूपये से 50,000 रूपये तक का जुर्माना देना पड़ेगा.
दोबारा अपराध करने पर दोगुनी होगी सजा
उन्होंने कहा कि वहीं, गाय के नाम पर भीड़ द्वारा हिंसा या हत्या की जाती है, तो उनकी सजा को बढ़ाकर न्यूनतम एक साल और अधिकतम पांच साल किया जाएगा. उन्होंने कहा कि यदि अपराधी दोबारा अपराध करता है तो उसकी सजा दोगुनी कर दी जाएगी.
अधिकारी ने बताया कि संशोधन में उन लोगों को एक से तीन साल की सजा देने का प्रावधान किया जाएगा जो हिंसा के लिए लोगों को उकसाने का कार्य करेंगे. संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले गोरक्षकों को भी इसके तहत सजा दी जाएगी.