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Vaishali, 16 November: जहरीली शराब से हुई चार मौतों ने बिहार में शराबबंदी पर सवाल खड़ा कर दिया है. 72 घंटे में जहरीली शराब पीने से 4 लोगों की मौत हो गई. ग्रामीणों के मुताबिक शराब बेचने वाला कोई और नहीं बल्कि गांव का चौकीदार है. जबकि पुलिस इस मामले को दबाने की कोशिश में है. मृतकों के परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने जबरन उसने एक सादे कागज पर अंगूठे का निशान लिया है. उस पेपर पर लिखा था कि मौत हार्ट अटैक से हुई है. वैशाली जिले के बरंटी थाना क्षेत्र के बसोली गांव के लोगों का कहना है कि कि अरुण पटेल, देवेंद्र पासवान, लालबाबू पासवान और राम प्रवेश पंडित की मौत शराब पीने से हुई है. प्राप्त जानकारी के अनुसार बसोली गांव का चौकीदार शराब बेचता है. मारे गए सभी लोगों ने उसी के पास से शराब खरीदा था. शराब पर पूर्ण प्रतिबंध लगने के बाद जहरीली शराब पीने से मौत का यह तीसरा बड़ा मामला सामने आया है. इससे पहले 27 अक्टूबर को रोहतास और भोजपुर जिले में पांच लोगों की मौत हो गई. वहीं अगस्त 2016 में गोपालगंज जिले में 18 लोगों की मौत हो गई थी.
आक्रोशित ग्रामीणों ने की अवैध शराब कारोबारी की पिटाई
उधर इस घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार की सुबह अवैध शराब के एक कारोबारी की जमकर पिटाई करने के बाद पुलिस को सौंप दिया है. ग्रामीणों के अनुसार सोमवार की रात लालबाबू पासवान, अरुण पटेल व देवेंद्र पासवान ने अदालत पासवान के यहां शराब पी थी. उसके बाद सभी की तबीयत बिगड़ने लगी. सभी को उल्टी, दस्त व पेट दर्द की शिकायत होने लगी. परिजनों ने सभी को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया. गंभीर रूप से बीमार अरुण पटेल व देवेंद्र पासवान को परिजन इलाज के लिए पीएमसीएच ले गए जहां बुधवार की देर रात इलाज के दौरान मौत हो गई. वहीं लालबाबू पासवान की मौत बुधवार को हो गई.
क्या कहते हैं एसपी
इस मामले में एसपी राकेश कुमार ने बताया कि जहरीली शराब से मौत की सूचना ग्रामीणों से मिली थी. पूछताछ के दौरान परिजन दमा की बीमारी से पीड़ित होने की बात बता रहे हैं. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ स्पष्ट कहा जा सकता है. बेसरा को जांच के लिए भेजा गया है.




